Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

बीजेपी-कांग्रेस में समझौताः राहुल के अध्यक्ष बनने की ख़ुशी पर बने लड्डू आधे दाम पर ख़रीदेगी BJP

18, Dec 2017 By Guest Patrakar

अहमदाबाद. बीजेपी ने एक बार फिर गुजरात में अपना डंका बजा दिया है। अब बारी है जश्न की और लड्डू के बिना जश्न बिल्कुल वैसा ही है, जैसे मीडिया के बिना राहुल गाँधी! इसी वजह से बीजेपी ने रिजल्ट आने से पहले ही सारे हलवाइयों से और यहाँ तक कि काँग्रेस कार्यालय से भी लड्डू मँगवा लिए। जी हाँ! आपने बिल्कुल सही सुना। बीजेपी ने काँग्रेस के गुजरात कार्यालय में रखे सारे लड्डू आधे दामों पर मँगवा लिये हैं।

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लड्डू समझौते पर जश्न मनाते दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता

हर बार के मुक़ाबले, इस बार के चुनाव अधिक उतार-चढ़ाव वाले रहे। जहाँ शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही थी, तो वहीं बाद में काँग्रेस को और फिर अंत में फिर से भाजपा को बढ़त मिलने लगी। इस कन्फ़्यूजन की वजह से बीजेपी और काँग्रेस दोनों ने ही लड्डुओं का भारी मात्रा में ऑर्डर दे दिया। लेकिन अंत में बीजेपी की जीत के बाद उसके ऑफ़िस में भीड़ इतनी बढ़ गयी कि उसे काँग्रेस कार्यालय से भी लड्डू ख़रीदने पड़ गये।

गुजरात बीजेपी ऑफ़िस के सेक्रेटरी कल्पेश भाई पटेल ने फ़ेकिंग न्यूज़ को इस पूरे दिलचस्प क़िस्से का विवरण सुनाया। कल्पेश ने कहा, “हम पिछले कई चुनावों से काँग्रेस ऑफ़िस से लड्डू ख़रीद रहे हैं। हमें तो कई बार लगता है कि काँग्रेस वालों ने टिकट छोड़ लड्डू ज़्यादा बेचे होंगे। पिछले गुजरात चुनाव, 2014 लोकसभा चुनाव और इस बार के चुनावों में भी ऐसा ही हुआ। ऐसा नहीं है कि हमने लड्डू नहीं बनवाए थे लेकिन लोग इतने ज़्यादा आ गये कि हमें उनके लड्डू मंगवाने पड़े।”

गुजरात काँग्रेस कार्यालय के जितेन पराशर ने भी इस बात की पुष्टि की और कहा, “हाँ! जब से राहुल गाँधी नेता बने हैं तब से हमें लड्डू बेचने की आदत सी लग गयी है। हम हर बार लड्डू लाते हैं और हारने के बाद उन्हें बीजेपी को आधे दाम पर बेच देते हैं। इसमें हमारा भी फ़ायदा होता है क्योंकि एक बार ख़रीदे लड्डू हलवाई तो वापस लेता नहीं! इसलिए लड्डू वापस कर के हम अपने कुछ पैसे तो बचा ही लेते हैं। फिर दिवाली के दिवाली हम चुनाव के दौरान आए पटाखे भी सेल पर लगाते है। ना जाने हमें कब पटाखे जलाने का मौक़ा मिलेगा!”

समस्या तो है लेकिन नए-नए काँग्रेस अध्यक्ष बने राहुल गाँधी का इस समस्या पर कुछ अलग ही सोचना है। गुजरात चुनाव में हारने के बाद राहुल गाँधी ने हमसे इस बारे में बात की और कहा कि “मैं इस परेशानी को समझता हूँ लेकिन उन्हें भी समझना चाहिए कि लड्डू खाना सेहत के लिए ख़राब होता है। मेरी दादी कहती थी ज़्यादा लड्डू खाने से डायबिटीज़ हो सकती है और पटाखों के प्रदूषण से तो आप लोग वाक़िफ़ हैं ही।”

यही नहीं, राहुल ने बीजेपी को लड्डू बेचने को चिंता का विषय नहीं बल्कि ‘इंटरा-पार्टी डेमोक्रेसी’ का हिस्सा बता दिया। वहीं कांग्रेस पार्टी के लीडर अहमद पटेल ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगायी है। पटेल का कहना है कि हमें इतनी सीटों की भी उम्मीद नहीं थी और राहुल जी को अच्छा दिखाने के लिए लड्डू बँटवाना ज़रूरी था, ऐसे में बीजेपी को लड्डू बेचने का सवाल ही नहीं उठता, हमें तो ख़ुद बाहर से लड्डू ख़रीदने पड़े!”



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