Tuesday, 25th July, 2017
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"काग़ज़ों में अभी भी बिहार के बेटे हैं मोदी, यूपी कैसे गोद ले सकता है उन्हें" -नीतीश कुमार

20, Feb 2017 By बगुला भगत

पटना. प्रधानमंत्री मोदी को यूपी द्वारा ‘गोद’ लेने के ख़िलाफ़ बिहार सरकार आज कोर्ट पहुंच गयी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के उत्तराधिकार के मामले में पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करके दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी अभी भी बिहार के बेटे हैं और उन पर पहला अधिकार बिहार का है।

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“अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आयेगा ये”

याचिका में कहा गया है कि “मोदी जी डेढ़ साल पहले हुए चुनावों में बिहार के दत्तक पुत्र बने थे। ऐसे में यूपी उन्हें गोद कैसे ले सकता है? मोदी जी ने अभी तक राज्य से अपने संबंध विच्छेद नहीं किये हैं और ना ही अख़बारों में कोई विज्ञापन छपवाया है कि बिहार से उनका कोई संबंध नहीं है। अगर कल को वो बिहार की संपत्ति पर दावा ठोकने लगे तो?”

बिहार सरकार के वकील प्रभात रंजन ने इस ‘गोद-लिवाई’ से जुड़े कुछ दस्तावेज भी अदालत में पेश किये। इन दस्तावेजों पर बिहार चुनाव से पहले की तारीख़ है और सुशील कुमार मोदी और गिरिराज सिंह के रूप में दो गवाहों के हस्ताक्षर भी हैं।

इस बीच, उत्तराखंड के लोग भी मोदी जी की इस नयी ‘गोद-लिवाई’ से नाराज़ बताये जा रहे हैं। देहरादून निवासी सौरभ नौटियाल नामक युवक ने पीएम पर ‘रिश्ता-हीनता’ का आरोप लगाते हुए कहा है कि “अगर मोदी जी यूपी और बिहार के बेटे हैं तो हमारे उत्तराखंड के क्या लगते हैंं- जेठ?”

उधर, प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार सरकार के दावे को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि “मैंने ये कभी कहा ही नहीं था कि बिहार ने मुझे गोद लिया है। बिहार से मैंने सिर्फ़ अपना पुराना रिश्ता बताया था। और ये भी नहीं बताया था कि वो रिश्ता है कौन सा! मामला गोल-मोल रह गया था।”

इस मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद अब कई और राज्य भी पीएम से रिश्ते के मामले पर अदालत जाने की तैयारी में हैं।



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