Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

"पहले 'हलाला' करो, फिर मिलेगा टिकट"- असंतुष्ट बीजेपी नेताओं को अमित शाह की सलाह

19, Jan 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. विधानसभा चुनावों में टिकट ना मिलने से नाराज़ बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं की लिस्ट लंबी होती जा रही है- ख़ास तौर से यूपी में! ये नेता इस बात पर भड़के हुए हैं कि बाहर से आये नेताओं को टिकट दिये जा रहे हैं और सालों से जान मरा रहे अपने नेताओं को ठुल्लू थमाया जा रहा है। टिकट मिलने से वंचित ये नेता पार्टी छोड़ने तक की धमकी तक दे रहे हैं।

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मोदी-शाह के पोस्टरों पर कालिख़ पोतते असंतुष्ट कार्यकर्ता

यूपी के सौ से ज़्यादा असंतुष्ट नेता एक जत्था बनाकर आज पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने पहुंचे और उनके सामने नारेबाज़ी करने लगे। शाह जी ने उन्हें कांग्रेस के चुनाव चिन्ह ‘हाथ’ के इशारे से शांत होने को कहा। इसके बाद उन्होंने उन सब नेताओं को ‘हलाला’ करने की सलाह दे डाली, जिसे सुनकर वे और भड़क गये और ‘हाय-हाय’ चिल्लाने लगे। शाह जी ने उन्हें फिर किसी तरह से शांत कराया और ‘पॉलिटिकल हलाला’ का अर्थ समझाया।

“हलाला करने का मतलब है कि आप पहले बीजेपी से इस्तीफ़ा दो, फिर कोई दूसरी पार्टी ज्वॉइन करो और फिर वापस बीजेपी में शामिल हो जाओ। फिर अपना टिकट पक्का समझो!”

बाहरियों को टिकट देेने की मजबूरी समझाते हुए उन्होंने कहा- “देखो, बाहर से आने वाला हमारा मेहमान होता है और मेहमान भगवान के समान होता है। तो बताओ! हम भगवान को टिकट देने से कैसे मना करें? घरवालों से पहले मेहमानों का ख्याल रखा जाता है कि नहीं, बोलो!”

फिर उन्होंने उन्हें डीपली समझाते हुए कहा कि “तुम लोगों ने वो कहावत नहीं सुनी क्या- ‘नया नौ दिन और पुराना सौ दिन!’ यानि हम नये बंदे को नौ दिन में टिकट दे देते हैं जबकि पुराने को देने में सौ दिन लगाते हैं।” इस पर एक असंतुष्ट नेता बोला कि “सौ दिन में तो चुनाव ही ख़त्म हो जायेगा शाह जी!” यह सुनकर शाह जी तपाक से बोले “इसीलिये तो कह रहा हूं, जल्दी जाओ और हलाला करके आओ। अब मेरा मुंह क्या देख रहे हो, जाओ!” उनकी धमकी रूपी इस सलाह को सुनकर सारे नेता सर खुजाते हुए धीरे-धीरे पार्टी दफ़्तर से बाहर निकल गये।



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