Saturday, 27th May, 2017
चलते चलते

"तिवारी जी इस बुढ़ापे में भी बहुत 'काम' के आदमी हैं": अमित शाह

18, Jan 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/हल्द्वानी. कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता एनडी तिवारी आज अपने बेटे रोहित शेखर समेत बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। इस ख़बर ने राजनीतिक जगत में सनसनी मचा दी है। लोग हैरान हैं कि 91 साल के हो चुके तिवारी जी इस बुढ़ापे में आख़िर बीजेपी के किस काम आयेंगे। बहरहाल, उन्हें सहारा देकर व्हीलचेयर पर हल्द्वानी से दिल्ली लाया जा रहा है, जहां उन्हें बाजे-गाजे के साथ बीजेपी में शामिल कराया जायेगा।

nd-tiwari
बीजेपी के लिये अपनी योग्यता साबित करते तिवारी जी

इस अवसर पर बीजेपी कार्यालय में दो कार्यकर्ता विशेष रूप से तैनात कर दिये गये हैं, जो तिवारी जी को सहारा देने के लिये मंच पर मौजूद रहेंगे। वे अमित शाह जी को पहचानने में भी तिवारी जी की मदद करेंगे। ग़ौरतलब है कि तिवारी जी याद्दाश्त चले जाने की वजह से हल्द्वानी के एक हॉस्पिटल में भर्ती थे और 15 जनवरी को ही वहां से डिस्चार्ज हुए हैं।

लोग इस अजीबो-ग़रीब घटना पर हैरान हो रहे हैं लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपने इस मास्टर स्ट्रोक पर मंद-मंद मुस्कुरा रहे हैं। हर टाइप के नेताओं को बीजेपी में शामिल कराने के लिये मशहूर रहे शाह ने इस फ़ैसले पर कहा कि “बड़े-बुज़ुर्गों का तो आशीर्वाद ही काफ़ी होता है। और तिवारी जी का मार्गदर्शन तो हमारे बहुत काम आयेगा। ”

“लेकिन बड़े-बुज़ुर्ग तो आपकी पार्टी में पहले ही बहुत थे, अब इनकी क्या ज़रूरत पड़ गयी थी?” इस सवाल पर शाह जी बोले- “तिवारी जी जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता! वो अपने आप में एक इंस्टीट्यूशन हैं। हमारी पार्टी को उनकी बहुत सख़्त ज़रूरत थी।” “लेकिन इस बुढ़ापे में वो आपके क्या काम आयेंगे?” यह सवाल सुनकर शाह जी फिर मुस्कुराने लगे।

फिर अपनी घड़ी पर नज़र डालते हुए बोले- “तिवारी जी ख़ुद को बूढ़े के बजाय ‘बाली उमर’ का ही मानते हैं। आप लोगों को नहीं पता अभी भी वो क्या-क्या कर सकते हैं।” जब रिपोर्टर ने पूछा कि “साफ़-साफ़ बताईये ना कि वो बीजेपी में क्या काम करेंगे”, “ये हमारा सीक्रेट प्लान है। इसका खुलासा हम सबके सामने नहीं कर सकते।” -यह कहकर शाह जी उठ गये और तिवारी जी का स्वागत करने के लिये गेट की ओर चले गये।

इस बीच, इस मामले पर बीजेपी के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चार-चार बच्चे पैदा करने की सलाह देने वाले साक्षी महाराज तिवारी जी के आने से बेहद ख़ुश बताये जा रहे हैं, जबकि आडवाणी जी संतोष महसूस कर रहे हैं कि “चलो, अच्छा हुआ! पार्टी में अब मैं सबसे बूढ़ा नहीं रहा।”



ऐसी अन्य ख़बरें