Thursday, 14th December, 2017

चलते चलते

अखिलेश करेंगे गुजरात में कांग्रेस का प्रचार, गधों में ख़ुशी की लहर

21, Nov 2017 By Guest Patrakar

एजेंसी. गुजरात चुनाव में अब बस कुछ दिन ही बचे है। बस कुछ ही दिन में यह पता लग जाएगा कि ऊँट किस करवट बैठेगा। इसीलिए भारत की दो सबसे बड़ी पार्टियाँ भाजपा और काँग्रेस किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जहाँ एक ओर भाजपा आए-दिन अपने विकास और हार्दिक पटेल के विडीओ निकाल रही है। वहीं दूसरी ओर काँग्रेस ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अपनी ओर लाने की कोशिश में जुटी है। बीते दिनो राहुल गांधी के उत्तरप्रदेश के साथी अखिलेश यादव ने राहुल और काँग्रेस का गुजरात में समर्थन तथा प्रचार करने की ठान ली। जिसके बाद ग़धों में मानो ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी।

अब आए गुजरात में गधे
अब आए गुजरात में गधे

गधे एक ऐसी प्रजाति है जो जितना भी काम करले उसका सही श्रेय उसको कभी नहीं मिलता, इसलिए अक्सर सॉफ़्टवेयर इंजिनीयर को गधा बोला जाता है। घंटों कीबोर्ड में उँगलियाँ पटकने के बाद अगर कोड चल भी जाता है तो वाहवाही मैनेजर ले जाता है। अब ऐसे में कोई इन ग़धों का प्रचार करदे तो गधे ख़ुश तो होंगे ही।

हुआ भी कुछ ऐसा ही अखिलेश यादव ने अपनी एक रैली में कहा था कि गुजरात में ग़धों का प्रचार न किया जाए और आज कांग्रेस में शामिल हो कर वो ख़ुद वैसा ही कुछ करने वाले हैं।

सूत्रों की माने तो उत्तरप्रदेश चुनाव के बाद अखिलेश और राहुल का फिर से एक बार साथ आने का कारण है अखिलेश का राहुल गांधी से बदला लेना जो उत्तरप्रदेश की हार से बक़ाया है।

जिस तरह से विध्यार्थी टीचर का कहे एक दम उल्टा करते हैं वैसे ही कुछ हाल है अखिलेश यादव का तो जायज़ है कि जब वो वहाँ के लोगों से आग्रह करेंगे के वो काँग्रेस को ही वोट करें तो गुजरात की जनता उल्टा ही करेगी। तो क्या अखिलेश सच में बदला लेने आ रहे हैं या फिर उन लोगों से कांग्रेस को वोट करने की अपील जिन्हें वो ख़ुद गधा मानते हैं।

जो भी हो इस ख़बर से भाजपा के खेमे में दिवाली मनाई जा रही है। पार्टी प्रेज़िडेंट अमित शाह ने पूरे भाजपा दफ़्तर को लाइट से सजवा दिया और चुनाव के नतीजों से पहले ही लड्डू का ऑर्डर दे दिया। हमसे टेलेफ़ोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया “मुझे भरोसा ही नहीं बल्कि पक्का यक़ीन है कि अखिलेश की एक रैली से ही सारे वोट भाजपा के खाते में आजाएँगे। अखिलेश ने उत्तरप्रदेश चुनाव के दौरान गुज़रतियो को गधा कहा था। और ऐसा शख़्स अगर राहुल गांधी के लिए रैली कर दे तो हमें जीतने से कोई नहीं रोक सकता। गुजरात की जनता अपना जवाब अखिलेश और राहुल को पक्का देगी। वैसे भी यह जय वीरू की जोड़ी ने हमें UP चुनाव में भी काफ़ी मदद की थी। आशा करते है वो ही जादू फिर से चल जाए।”

राहुल गांधी उनके और UP CM की कुर्सी में सबसे बड़े अडँगे साबित हुए थे। ख़ैर यह सब तो 18 दिसम्बर को साफ़ हो जाएगा। तब तक आप पढ़ते रहिए फेकिंग न्यूज़।



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