Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

"नागालैंड में 'NOTA' के नाम से चुनाव लड़ेगी AAP": मनीष सिसोदिया

22, Dec 2017 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. जो ग़लती करने से पहले संभल जाए वो बुद्धिमान, जो ग़लती करते-करते संभल जाए वो समझदार और जो ग़लती करने के बावजूद भी ना संभले वो अरविंद केजरीवाल! गुजरात इलेक्शन ख़त्म हुआ और गुजरात में ‘आप की आँधी’ बताने वाले केजरीवाल अपने तीस उम्मीदवारों के साथ उड़ गए। हाल इतना बुरा हुआ कि उनकी पार्टी से ज़्यादा वोट ‘None Of The Above’ यानि कि ‘नोटा’ को मिल गये। बस, यही देखते हुए केजरीवाल जी के साबू यानि मनीष सिसोदिया ने नागालैंड में ‘आप’ के बजाय ‘नोटा’ के नाम से चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया है।

Manish Sisodia
नागालैंड में अपनी सीटों की संख्या बताते सिसोदिया जी

आम आदमी पार्टी की निम्न-स्तरीय बैठक में यह फ़ैसला लेने के बाद सिसोदिया ने एलान किया कि आम आदमी पार्टी नागालैंड में होने वाले चुनावों में सारी सीटों पर लड़ेगी और वहाँ पार्टी का नाम ‘आप’ से बदल कर ‘नोटा’ रखा जाएगा। हम नाम बदलकर नोटा इसलिए करेंगे क्योंकि गुजरात चुनाव में नोटा को हमारी पार्टी से ज़्यादा वोट मिले हैं। यह आइडिया हमें अरविंद भाई ने दिया है और हम अब पार्टी का नाम बदलवाने इलेक्शन कमीशन जाने वाले हैं।”

इसके बाद आम आदमी पार्टी में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। आप की सोशल मीडिया सेल ने नोटा नाम बदलवाने को लेकर ‘#केजरीवाल_की_सूझबूझ’ नाम के हैशटैग को ट्रेंड भी करवा दिया। लेकिन इसी बीच किसी ने इस रंग में भंग कर दिया। नहीं नहीं, हम केजरीवाल नहीं हैं जो हर चीज़ के लिए मोदी को ज़िम्मेदार ठहरा दें। हम तो बात कर रहे हैं चुनाव आयोग की!

असल में, जैसे ही सिसोदिया नोटा नाम से लड़ने का प्रस्ताव लेकर चुनाव आयोग के पास गए, तो उसने यह मांग सुनते ही ख़ारिज कर दी। चुनाव आयोग के अनिल शर्मा ने फ़ेकिंग न्यूज़ से बातचीत के दौरान बताया कि “जी हाँ, वे लोग मेरे पास नोटा नाम से नामांकन दर्ज कराने की गुज़ारिश लेकर आए थे। लेकिन मेरे लाख समझाने पर कि नोटा का मतलब ‘None Of The Above’ होता है ना कि ‘None Other Than Arvind!’ लेकिन वे अपनी माँग पर अड़े रहे और उल्टा हमें ही मोदी का एजेंट बता कर यहाँ से चले गये”

उधर, केजरीवाल इस मामले पर चुप हैं। लेकिन वो तो कपिल मिश्रा के आने के बाद वैसे भी चुप ही रह रहे हैं। फिलहाल, आम आदमी पार्टी वाले अपनी ज़िद पर अड़े हुई हैं। वे तो यहाँ तक कह रहे हैं कि जब ‘नोटा’ किसी पार्टी का नाम ही नहीं है तो आपको हमारा नाम बदलने में तकलीफ़ क्यूँ हो रही है। अब ऐसे में भगवान ही बीच बचाव कराए।

ख़ैर, अभी तक की ख़बर यह है कि आम आदमी पार्टी नागालैंड में चुनाव तो लड़ेगी ही। जिसका मतलब है कि आपके लिए ठहाके लगाने के आगे और भी मौक़े आने वाले हैं।



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