Thursday, 24th August, 2017

चलते चलते

'आप पार्टी' पर बरसे मुलायम सिंह यादव, कहा- 'इतनी जल्दी कैसे ख़त्म हो गया तुम्हारा झगड़ा?'

06, May 2017 By Ritesh Sinha

लखनऊ. जैसे ही सपा सुप्रीमो, मुलायम सिंह यादव को पता चला कि आप पार्टी के भीतर का घमासान खत्म हो गया है, तो उन्हें ‘विश्वास’ ही नहीं हुआ। उन्हें लग रहा था कि, उनके घर की लड़ाई की तरह, आप पार्टी की लड़ाई भी कम से कम दो-तीन महीने तो चलेगी ही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पार्टी से नाराज चल रहे कुमार विश्वास जल्द ही मान गए।Mulayam Singh Yadav--621x414--621x414

इस जल्दबाजी से मुलायम नाराज हो गए उन्होंने इस झगड़े की स्क्रिप्ट लिखने वाले को पहले धोया।जिसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है “पक्का स्क्रिप्ट लिखने वाला सस्ता किस्म का था, वरना हमारे यहाँ का देख लो, पूरे तीन महीने चला था। हाँ, माना कि कोई शिवपाल और हमारे टीपू की बराबरी नहीं कर सकता, फिर भी लड़ाई को कम से कम एक महीने तो चलना ही चाहिए था ना!”

फिर उन्होंने किसी भी लड़ाई में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “देखिए! ऐसे मामलों में मीडिया की भूमिका भी अहम होती है, चार बयान आप दीजिए, चार बयान सामने वाला देगा, कुछ चिट्ठी आप लीक कीजिए, कुछ चिट्ठी सामने वाला लीक करेगा, और झगड़ा लंबा खींचता जाता है। इस तरह मीडिया वालों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। लेकिन, ये सब तो आप पार्टी ने किया ही नहीं, अब भुगतो!”

फिर एक गिलास छाछ पीने के बाद उन्होंने कुमार विश्वास पर भी अपना गुस्सा उतारा कि “लड़का पक्का बीजेपी का एजेंट है। वरना इतनी जल्दी कैसे मान जाता। केजरीवाल को भी सोचना चाहिए, कुछ महीने और लड़ लेते, तो उनका क्या जाता? बात करते हैं! हम तो बिना बात के भी कई-कई दिनों तक लड़ते रहते थे, कुछ तो सीख लेते हमसे!”-वे अपना एक हाथ पटकते हुए बोले। फिर कुछ देर सोचने के बाद बोले “खैर! एक बात तो माननी पड़ेगी, लड़ाई-झगड़े के मामले में कोई हमारी बराबरी नहीं कर सकता।”

इस बीच जब मुलायम सिंह से पूछा गया कि “क्या आपने अपना चार लाख रूपए बिजली बिल चुका दिया है?” तो वे भड़क गए और बोले “चुप रहो! हम अभी आप पार्टी की बुराई में लगे हुए हैं, हमें आराम से करने दो। इधर-उधर की बात मत करो। नो पर्सनल कोस्चन!”-कहते हुए वे उठकर चले गए।



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