Thursday, 19th October, 2017

चलते चलते

आप में लगी इस्तीफ़ा देने की होड़, वोट देने वाले भी इस्तीफ़ा देने के लिए आगे आए

28, Apr 2017 By banneditqueen

दिल्ली. हाल ही एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी का जो प्रदर्शन रहा उसने सच में केजरीवाल की ईंट से ईंट बजा दी। नतीजे वही आए जैसा एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया था, केजरीवाल द्वारा ईवीएम को दोष देने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो विपक्षियों ने आप सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल का इस्तीफ़ा ही मांग लिया। आखिर जब गलती ईवीएम से हुई तो अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफ़ा देने का क्या औचित्य बनता है। अब इस्तीफ़ा देने का सारा भार आया आम आदमी पार्टी सदस्यों पर, यही नहीं इतने बुरे प्रदर्शन के बाद वोट देने वालों ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए। aam-aadmi-party-followers

कांग्रेस के अजय माकन ने नैतिकता का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया, अब बारी आम आदमी पार्टी की थी। जब अरविन्द केजरीवाल से इस्तीफ़ा माँगा गया तो उन्होंने कहा कि ”जी दिल्लीवालों ने तो वोट हमें ही दिए थे पर बीजीपी इतनी डरी बैठी है जी कि मशीन पर स्टीकर बदल दिए। मतलब कि वोट डाला आम आदमी पार्टी को और गया बीजेपी में। यूँ भी दिल्ली भाजपा इतनी निकम्मी है कि अगर मैंने ख़राब प्रदर्शन नहीं किया तो लोगों का ध्यान इनके काम पर चला जाएगा। इसीलिए मेरे इस्तीफ़ा देने का सवाल ही नहीं।” इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के कई सदस्य और नेता इस्तीफ़ा देने के लिए आगे आए हैं। एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पे कहा ”अरे हम तो यूँ भी पार्टी छोड़ना चाह रहे थे, यूँ ही छोड़ देते तो अरविन्द जी मुसीबत खड़ी कर देते। अब हार के बाद कम से कम बहाना मिल गया।”

इस के बाद तो जैसे इस्तीफ़ा देने के लिए होड़ लग गयी, आम आदमी पार्टी कार्यालय के बाहर खड़े एक व्यक्ति से जब हमने पूछा कि वो क्यों इस्तीफ़ा दे रहे हैं तो उसने जवाब दिया ”अरे हम आम आदमी पार्टी में थोड़े ही हैं, हमने तो बस वोट डाला था। जब नैतिकता के आधार पर पार्टी के नेता और सदस्य इस्तीफ़ा दे रहे हैं तो हमने सोचा हम भी दे दें। केजरीवाल जी जो सीएम बने हैं वो हमारे ही वोटों से तो बने हैं, तो अब उनके खराब प्रदर्शन का जिम्मा तो हमारा भी है।” कार्यालय के बहार कुछ २०-३० लोगों की भीड़ थी और सभी ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया था जिसके चलते वे इस्तीफ़ा देने आए थे।



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