Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

आम आदमी पार्टी के बचे हुए विधायक करेंगे 'वर्क फ्रॉम होम' ताकि 'ऑफ़िस ऑफ़ प्रॉफ़िट' का केस ही ना बने

21, Jan 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. चुनाव आयोग की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मुहर लगा दी और आम आदमी पार्टी के बीस विधायकों को अयोग्य क़रार कर दिया है। इन सभी विधायकों पर ऑफ़िस ऑफ़ प्रोफ़िट (लाभ के पद) हासिल करने का आरोप था। ख़बर आयी है कि विधायकों के निलम्बित होते ही आम आदमी पार्टी ने बड़ा फ़ैसला लिया है जिसके चलते अब बचे हुए सभी विधायकों को वर्क फ़्रॉम होम (घर से काम) करना होगा।

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‘वर्क फ्रॉम होम’ पर ख़ुशी जताते ‘आप’ के विधायक

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा लिए गए इस फ़ैसले के पीछे ये तर्क दिया जा रहा है कि जब विधायक ऑफ़िस ही नहीं आएँगे तो ऑफ़िस में ना तो प्रॉफ़िट होगा और न लॉस! ऐसे में ऑफ़िस ऑफ़ प्रॉफ़िट का केस होने का तो सवाल ही नहीं बनता!

सिसोदिया जी के इस फ़ैसले को आदमी पार्टी के अन्य मंत्रियों ने ऐतिहासिक फ़ैसला बताया है और जगह-जगह पोस्टर लगाने का भी फ़ैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि “वर्क फ़्रॉम होम, डिजिटल इंडिया की दिशा में उठाया गया एक बड़ा क़दम है। ऐसा करना तो दूर, मोदी जी अब तक ऐसा सोच भी नहीं पाए हैं।”

ज्ञात हो कि आम आदमी पार्टी 70 में 67 सीटें जीती थी, ऐसे में बीस विधायकों के चले जाने से सरकार नहीं गिरेगी। फ़ेकिंग न्यूज़ के पत्रकार ने बात की कांग्रेस के अजय मकान से। अजय मकान ने कहा, “देखिए बीस विधायकों के जाने के बाद भी आम आदमी पार्टी में 46 विधायक हैं, ऐसे में सरकार तो नहीं गिरेगी, हाँ मगर केजरीवाल जी की इज़्ज़त ज़रूर गिरेगी!”

हर मुद्दे पर टिप्पणी करने वाले बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि “आम आदमी पार्टी तो आजकल के युवाओं द्वारा वीकेंड पार्टी जितनी लम्बी भी नहीं चल पा रही है, इससे साफ़ समझ आता है कि युवा लोग अब केजरीवाल के साथ नहीं हैं।”



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