Saturday, 21st October, 2017

चलते चलते

आधे नेता तो पार्टी से निकाले जा चुके हैं, इसलिए सिर्फ आधे वायदे ही निभा पाएगी "आप": केजरीवाल

22, Apr 2015 By Pagla Ghoda

जंतर-मंतर, नई दिल्ली: “आप” सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल के ताज़ा बयान से कई “आप” समर्थक काफी आहत हैं। केजरीवाल के अनुसार आम आदमी पार्टी जनता से किये चुनावी-वायदों में से अब केवल चालीस से पचास फीसदी वायदे ही निभा पायेगी। समर्थकों की हताशा और रोष को देखते हुए केजरीवाल अब अपने बयान को जस्टिफाई करने की कयावद में हैं। केजरीवाल कहना है के जब पार्टी के पचास फीसदी से ज़्यादा नेता एवं कार्यकर्ता उनके विरूद्ध जाने और बगावती तेवर दिखाने के जुर्म में निकाले जा चुके हैं तो पार्टी की वर्कफोर्स आधी ही रह गयी है। यही कारण था के उन्हें कहना पड़ा के आधे वादे ही निभा पाएगी “आप”। पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए केजरीवाल ने अपने बयान पर कुछ और सफाइयां भी दीं। पेश है उनकी प्रेस कांफ्रेंस के कुछ अंश:

युग पुरुष अरविंद केजरीवालजी आआपा में और वेकेन्सी बढ़ाने का सोच विचार करते हुए
युग पुरुष अरविंद केजरीवालजी आआपा में और वेकेन्सी बढ़ाने का सोच विचार करते हुए

“आप सब लोग अब मुझे बोलने दोगे तो मैं बोलूंगा। नहीं तो आप ही बोल लो फिर। …. बोल लूँ मैं ? ठीक है। आज की डेट मैं आम आदमी पार्टी देश की जनता के हितों के लिए उतनी ही सीरियस है जितनी की पहले थी। बस प्रॉब्लम ये है के आधे से ज़्यादा हमारे नेता हमें छोड़ के जा चुके हैं … नहीं मुझे बोलने दीजिये … छोड़ के जा चुके हैं …. निकाले नहीं गए। … कारण चाहे कुछ भी हो … छोड़ गए बस … इसी वजह से आज की डेट मैं हमारी पार्टी की कर्मीसंख्या यानी के वर्कफोर्स आधी हो चुकी है। … और यही कारण है के मैंने कहा के हम सिर्फ आधे ही वायदे निभा पाएंगे। इसमें क्या गलत कह दिया मैंने? मोदी, सोनिया, अम्बानी, अडानी की बातों में आकर आप मीडिया वाले कुछ भी लिख देते हो। अब हरेक का मुंह तो मैं बंद कर नहीं सकता, लेकिन चुनावी वायदों में हम क्या अधूरे काम करेंगे उनका ब्यौरा मैं दे देता हूँ।

पांच सौ स्कूल बनाने की बात की थी, सो बनाएंगे। स्कूलों के चार दीवारी और प्लेग्राउंड बनेंगे, क्लासरूम नहीं बनेंगे। आधा ही काम हो पायेगा। मुफत का वाईफाई मिलेगा पर उसमे आधे ही “बार” रहेंगे, फुल स्पीड नहीं दे पाएंगे। आठ लाख नौकरियां देने की बात हुई थी, उसमे से चार लाख ही हो पाएंगी अब। और ये काम तो मैं कल ही कर दूंगा, कल ही आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ता-पद की चार लाख वेकेंसियां निकाली जायंगी। फॉर्म भर दो सब बेरोजगार लोग। हमें और हांथों की ज़रुरत है इस देश की सेवा के लिए।” केजरीवाल ने भरी आवाज़ में कहा।

जब उनसे पुछा गया के जनता उनसे चुनावी वायदों का हिसाब मांगेगी तो उनका क्या जवाब होगा, तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा, “मैं बताऊ कौन पूछता है ये जनता टाइप के सवाल ? “टाइम्स नाओ” वाले अर्नब जी पूछते हैं। उनके शो पे भी गया था मैं। चीख के बोले “दी नेशन वांट्स टू नो”, मैंने कह दिया मैं ही हूँ नेशन, अब बोलो। चुप हो गए थे। मैंने कहा अर्नब जी, आपसे ज़्यादा जनता के नज़दीक आम आदमी पार्टी है। हमें पूरा पता है जी के जनता क्या चाहती है। न भी पता चल रहा हो तो फटाफट पांच छह सर्वे करवा लेते हैं। पहले एक सर्वे चैंपियन हुआ करते थे हमारी पार्टी में अब उनकी रिप्लेसमेंट ढूंढनी है हमें। अच्छा अब मुझे इजाज़त दीजिये “सर्वे मैनेजर” की पोस्ट के लिए कुछ आवेदकों का इंटरव्यू लेना है।”, केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस खत्म करते हुए कहा।

केजरीवाल वायदों में कटौती के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं की कमी की बात कर रहे हैं, इस बहानेबाज़ी का जनता पर क्या असर होगा ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। पर अभी इस मुद्दे पर ये कयास भी लगाये जा रहे हैं के आने वाले दिनों में यदि कुछ और नेता आम आदमी पार्टी से निकाल दिए गए तो यह 50% वायदों का नंबर घट कर और नीचे भी सरक सकता है।



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