Wednesday, 29th March, 2017
चलते चलते

'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' पढ़ने वाले युवक ने समझा- 15 अगस्त को अंग्रेज़ों ने भारत में 'महा मेगा-सेल' लगायी थी

14, Aug 2016 By बगुला भगत

मुंबई. टाइम्स ऑफ़ इंडिया पढ़ने वाले एक युवक के आश्चर्य का तब ठिकाना नहीं रहा, जब उसे पता चला कि 15 अगस्त को हमारा देश आज़ाद हुआ था। लोअर परेल में रहने वाला युवक सिद्धार्थ सुखानी (सिड) अभी तक यही मानता था कि “15 अगस्त के दिन अंग्रेज़ों ने हमारे देश में ‘महा-मेगा-सेल’ लगायी थी।”

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15 अगस्त- सबसे बड़ी सेल का दिन

फ़ेकिंग न्यूज़ संवाददाता से ख़ास बातचीत में सिड ने बताया कि “एक्चुअली, मुझे लगता था कि क्लियरेंस सेल में अंग्रेज़ों का सारा माल निकल गया होगा, इसलिये वे यहां से चले गये होंगे।”

“तो फिर आपको पता कैसे चला कि इस दिन…”, “बता रहा हूं…बता रहा हूं” सिड बात बीच में काटते हुए बोला- “एक्चुअली, मेरा लैपटॉप क्रैश हो गया था और मोबाइल भी बंद पड़ा था। वो रात को बिल्डिंग की लाइट में कुछ प्रॉब्लम हो गयी थी ना! मैं बैठा बैठा बोर हो रहा था। करने को कुछ और नहीं मिला तो मैं एक मैगज़ीन उठाकर देखने लगा, तब मुझे अचानक…”

“मतलब आपने फ्रीडम-व्रीडम कुछ नहीं सुना था?” इस पर सिड ने झेंपते हुए कहा- “नहीं, सुना तो था! बट मैंने सोचा कि लोगों को पुराने कपड़े-लत्तों से फ्रीडम मिली होगी इसलिये…”

“बॉस, इस पेपर ने लोगों की नॉलेज बढ़ाई हो ना बढ़ाई हो, पर उनके घर में सामान ज़रूर बढ़ाया है। एक्चुअली, पिछले 10 सालों में मैंने भी जो कुछ खरीदा है, वो टाइम्स ऑफ़ इंडिया पढ़कर देखकर ही खरीदा है।” -अपना मोबाइल दिखाते हुए प्रांजल बोला।

प्रांजल के घर से रद्दी ले जाने वाले पप्पन पाटील ने हमारे संवाददाता को बताया कि “सिड भैय्या की रद्दी एकदम फ्रेश होती है- बोले तो ब्रैंड न्यू! जैसी पेपर वाला डाल के जाता है, वैसी की वैसी! भैय्या बस ऊपर के एड वाले पेज देखते हैं और फिर उसे रख देते हैं। इसलिये इनकी रद्दी औरों से दो रुपये महंगी जाती है।”



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