Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

News Hour के पूर्व-पेनलिस्ट का निधन, 'Let me complete' कहते हुए ली अंतिम सांस

21, Jul 2016 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. टाइम्स नाऊ चैनल के प्रसिद्ध शो News Hour के जाने-माने पेनलिस्ट धनंजय पात्रा का कल रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वो काफ़ी समय से बीमार चल रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर पर शोक जताते हुए लिखा है कि “उनके निधन से ‘पेनलिस्ट जगत’ को अपूरणीय क्षति हुई है। अर्नब भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।”

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कभी धनंजय जी भी यहां ऐसे ही चुप बैठे रहते थे

धनंजय के बेटे मनमोहक ने बताया कि “अंतिम समय में हम सब उनसे पूछ रहे थे कि ‘पापा कोई आख़िरी इच्छा तो बता दीजिये।’ वे बस हमें सूनी-सूनी आंखों से देखते रहे। मैंने कहा- ‘पापा, कुछ बोलिये ना!’ उन्होंने बड़ी मुश्किल से मुंह खोला और सिर्फ़ इतना कहा- ‘Let me complete’ और सदा के लिये आंखें मूंद लीं।”

उनकी पत्नी मालती ने रोते हुए कहा- “हाय रे, मन्नू के पापा! तुम तो अर्नब के सामने बोलने की इच्छा लिये हुए ही इस दुनिया से चले गये।” फिर पल्लू से आंसू और नाक एक साथ पोंछते हुए बोलीं- “एक बार चांस मिला था, पर तब कुछ बोल ही नहीं पाये। उस अर्नब ने अचानक नाम ले लिया था, कैसे बोलते। हक्के बक्के रह गये, मुंह से आवाज़ ही नहीं निकली। अचानक चांस मिलने की उम्मीद नहीं थी मन्नू के पापा को!”

“अरे अर्नब, एक बार आकर देख तो जा! देख कैसे चुप लेटे हैं!” -कहकर मालती जी दहाड़ें मारकर रोने लगीं।

News Hour के कई वर्तमान एवं पूर्व-पेनलिस्ट उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। उनके पूर्व-पेनलिस्ट साथी सुरेश ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि “धनंजय एक आदर्श पेनलिस्ट थे। वो तब तक मुंह नहीं खोलते थे, जब तक एंकर बोलने को नहीं कहता था। इसलिये बेचारे कभी बोल ही नहीं पाये।”

“अर्नब के शो में बोलने को लेकर हम लोगों के बीच अक्सर बैठकें होती रहती थीं। जहां हम News Hour में बोलने की रणनीति बनाया करते थे। एक बार हमने प्लानिंग की कि जैसे ही मैं टेबल के नीचे से इशारा करुं तो तुम बोलना शुरु कर देना। लेकिन अर्नब ने हमारा इशारा पकड़ लिया और सब बेकार हो गया।” -कहकर वो News Hour की पुरानी यादों में खो गये।



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