Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

2017 में IRCTC पर जोक बनाता पकड़ा गया युवक, पुलिस कर रही है पूछताछ

17, Mar 2017 By Ritesh Sinha

लखनऊ. भले ही संता-बंता जोक्स पर बैन लगाने के लिए अदालत में केस चल रहा हो लेकिन एक मुद्दा ऐसा है जिस पर बिना कोर्ट केस के ही जोक बनना बंद हो गया है, और वो है आईआरसीटीसी! एक दौर था जब इंडिया में हर दूसरा जोक IRCTC के नाम फाड़ दिया जाता था पर रेलवे की मेहरबानी से IRCTC वाले जोक्स कुछ साल पहले दिखना बंद हो गये।

IRCTC
यही थी जोक-निर्माताओं की पहली पसंद

लेकिन यूपी पुलिस ने कल रात एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो आज भी IRCTC पर जोक बनाकर उन्हें अपने दोस्तों के साथ शेयर कर रहा था। आरोपी युवक का नाम मनोज कुमार बताया जा रहा है। आज की तारीख़ में दोस्तों को ये जोक्स बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहे थे, यहां तक कि कुछ की तो समझ में भी नहीं आ रहे थे! इसलिये उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनोज को मोबाइल सहित गिरफ्तार कर लिया।

मनोज के जिगरी दोस्त भूषण ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “मुझे तो उसे अपना दोस्त कहने में भी शर्म आ रही है! इतना पुराना माल मार्केट में चेपते हुए उसे शर्म नहीं आयी? इतने सालों से वो सो रहा था या कोमा में था? क्या उसे पता नहीं है कि ऐसे जोक्स कब के चलन से बाहर हो चुके हैं, हज़ार-पांच सौ के पुराने नोटों की तरह!”

“मोदी, केजरीवाल और राहुल के होते हुए किसी और पे जोक बनाने की ज़रूरत है भला!” -कहकर वो अपने मोबाइल पर केजरीवाल का नया जोक पढ़कर हंसने लगा।

हंसने के बाद भूषण ने बताया कि “वो इससे पहले भी आपत्तिजनक मैसेज भेजा करता था। एक बार तो उसने “शिखर धवन फॉर्म में वापस लौटे” लिखकर हमारे ग्रुप में शेयर कर दिया था। उस समय हमने उसे ग्रुप से निकाल दिया था। बाद में संजू की रिक्वेस्ट पे उसे ग्रुप में वापस ले लिया लेकिन वो फिर भी नहीं सुधरा।”

उधर, पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ‘शिखर धवन’ वाले जोक के लिये मनोज पर अलग से केस चलाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मनोज से पूछताछ कर रही है कि ऐसे थकेले टॉपिक्स पर जोक बनाने के पीछे उसकी मंशा क्या थी? कहीं ये आईआरसीटीसी की वेबसाइट को पटरी से उतारने की आईएसआई की कोई साज़िश तो नहीं है?



ऐसी अन्य ख़बरें