Tuesday, 24th October, 2017

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राजस्थान के मंत्री देवनानी को मिला नोबेल, गाय के ऑक्सीजन छोड़ने वाली रिसर्च पर मिला पुरस्कार

03, Oct 2017 By बगुला भगत

स्टॉकहोम. राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने एक बार फिर पूरे देश का सर ऊँचा कर दिया है। देवनानी को चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने जनवरी में इस बात की खोज की थी कि गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो ऑक्सीजन लेता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है। वो चिकित्सा का नोबेल जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं, उनसे पहले, भारतीय मूल के अमेरिकी हरगोविंद खुराना ने 1968 में चिकित्सा का नोबेल जीता था।

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नोबेल प्राइज जीतने पर ख़ुशी जताते देवनानी

इससे पहले यह पुरस्कार कल अमेरिकी वैज्ञानिक जैफ्री सी हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल यंग को दे दिया गया था। लेकिन देवनानी की रिसर्च का पता चलते ही नोबेल समिति ने इन तीनों से छीनकर यह पुरस्कार देवनानी को दे दिया है। अपनी भूल पर माफ़ी मांगते हुए समिति के अध्यक्ष पीटर नोबेल ने कहा है कि “हमें देवनानी जी की रिसर्च के बारे में अभी-अभी पता चला। इस भूल के लिये हम उनसे क्षमा माँगते हैं।”

“देवनानी जी की खोज से हमें पता चला कि इतना कार्बन उत्सर्जन होने के बाद भी धरती पर इतनी ऑक्सीजन कैसे है। उन्होंने साबित किया कि सर्दी-ज़ुकाम जैसी बीमारियाँ तो गाय के नजदीक पहुँचने से ही दूर हो जाती हैं। उन्होंने गाय के गोबर में ऐसा विटामिन भी ढूँढ लिया है, जो हानिकारक रेडिएशन को ख़त्म कर देता है। उनकी इस रिसर्च के लिये पूरी मानव जाति सैंकड़ों सालों तक उनकी एहसानमंद रहेगी।” -उन्होंने आगे कहा।

“ये तो सिर्फ़ एक शुरुआत है। अभी भारत को इस फ़ील्ड में और भी कई नोबेल मिलेंगे क्योंकि ढाई-तीन साल से वहाँ ऐसी बहुत सारी रिसर्च हो रही हैं।” -श्री नोबेल ने भारत में की जा रही रिसर्च की प्रशंसा करते हुए कहा।

देवनानी की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी समेत तमाम नेताओं ने बधाई दी है। मोदी जी ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी बधाई दी है कि उन्होंने ऐसी महान प्रतिभा को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्होंने वसुंधरा से ऐसे और लोगों को मंत्री बनाने को कहा है।

अब, देवनानी को नोबेल मिलने के बाद बाबा रामदेव को भी नोबेल मिलने की संभावना बढ़ गयी है। इस बारे में नोबेल समिति का कहना है कि हम कन्फ़्यूज हैं कि बाबाजी को अवॉर्ड किस क्षेत्र में दें, क्योंकि वो तो समाजसेवा, राजनीति, चिकित्सा, बिजनेस, मेडिसिन, योगा और शांति जैसे कई क्षेत्रों में डिज़र्व करते हैं।



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