Wednesday, 25th April, 2018

चलते चलते

बुआ और बबुआः इन दोनों की जोड़ी शामत, शामत और क़यामत

20, Mar 2018 By Kumar Dharmendra

लखनऊ. कांग्रेस अधिवेशन में श्री राहुल गाँधी ने बहुत बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि “देश की भलाई के लिए 2019 के आम चुनाव में मेरे जैसे युवा नेता का चुना जाना अनिवार्य है।” लेकिन उनके इस सपने के सामने जो सबसे बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है वो मोदी-शाह की नहीं, बुआ-बबुआ की जोड़ी है!

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दो सीटें जीतने के बाद हँसते बुआ और बबुआ

राहुल जी का मानना है कि यूपी के उप-चुनाव में दो सीटें जीतकर बुआ-बबुआ भी पीएम बनने के सपने देखने लगे हैं। इसलिए वो असमंजस में हैं कि अगले चुनाव में उनके साथ गठबंधन किया जाये कि नहीं! वो डर रहे हैं कि कहीं पीएम पद की सारी तैयारी धरी की धरी ना रह जाये!

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने तो यह भी कयास लगा दिया कि अगर राहुल बाबा के राहु का चुनाव से पहले समाधान नहीं हुआ तो कहीं वो देश छोड़कर ही ना चले जाएँ। बैंकॉक में जिस तरह उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, उसे देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगला चनाव वो वहीँ से लड़ें। उन्होंने भारत की जनता को चेताते हुए कहा है कि वो उनके धैर्य की और परीक्षा ना ले!

उधर, बुआ-बबुआ के हाथों अपने ही घर में मिट्टी पलीद करा चुके योगी जी यह नहीं समझ पा रहे कि यह हुआ तो हुआ कैसे! इसलिए इस हार का सारा ठीकरा उन्होंने सरकारी अफसरों के सर फोड़ दिया है। आनन-फानन में उन्होंने गोरखपुर का पूरा सरकारी तंत्र ही तड़ीपार कर दिया। अब गोरखपुर की जनता को चिंता सता रही है कि कहीं खिसियाए योगी जी गोरखपुर को खिसकाकर लखनऊ ना ले जाएँ!

फिलहाल तो ‘बुआ-बबुआ’ की जोड़ी जनता टॉकीज के बॉक्स ऑफ़िस पर धमाल मचा रही है। अब देखना ये है कि यह जोड़ी गोल्डन जुबली यानि अगले आम चुनाव तक जनता टॉकीज पर टिकी रहती है या नहीं!



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