Thursday, 19th January, 2017
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यूपी के एक गांव में अचानक बिजली आई, सदमे से दो लोगों की मौत

04, Dec 2013 By बगुला भगत

यूपी के संत कबीर नगर के एक गांव में अचानक बिजली आ जाने से दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घायलों को ‘रामभरोसे मैमोरियल अस्पताल’ में भर्ती कराया गया है।

कातिल बल्ब
कातिल बल्ब

अस्पताल के सीएमओ रेवती रमन ने बताया कि “जलता हुआ बल्ब देखने से इन गांव वालों की आंखों में मोतियाबिंद और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो गई है। युवाओं पर इसका ज़्यादा गंभीर असर नहीं हुआ है क्योंकि वे शहर जाते रहते हैं और उन्हें बिजली देखने की आदत हो गई है।” सीएमओ ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “इससे बचाव का उपाय यही है कि गांवों के लोगों को जितना हो सके, बिजली से दूर रखें और उन्हें रात में रोशनी ना देखने दें।”

बिजली देखने की घटना से घायल हुए चुल्लू गांव के उजियारा कुशवाहा ने बताया कि “आधी रात को अचानक आंख खुलने पर हमें एक जलता हुआ बल्ब दिखाई दिया और हम वहीं चारपाई पर ही बेहोश होकर गिर गए।” अस्पताल में भर्ती दूसरे बिजली पीड़ित नैनसुख पांडे ने बताया कि “हमारी तो सात पीढ़ियों ने भी कभी बिजली का ऐसा अधर्म नहीं देखा था। कलयुग है घोर कलयुग!”

उधर, बिजली विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि आरोपी कर्मचारी पहले मुख्यमंत्री के गृह ज़िले इटावा में तैनात था और हाल ही में ट्रांसफ़र होकर संत कबीर नगर आया था। उसने अपनी आदत के मुताबिक ग़लती से बिजली चालू कर दी, जिससे यह हादसा हुआ।

जब फ़ेकिंग न्यूज़ ने पूछा कि गांवों में बिजली देने का क्या नियम है, तो इस पर एसडीएम पतित पांडे ने बताया कि “अगर हमें कभी गांव में बिजली देनी भी होती है तो रात को बारह बजे के बाद देते हैं, जब सब गांव वाले सो जाते हैं और उनके सोने से पहले सप्लाई बंद कर देते हैं, ताकि बिजली देखने की वजह से गांव में कोई हादसा ना हो जाए। वैसे डॉक्टर भी कहते हैं कि अंधेरे में नींद अच्छी आती है, इसलिए हम नहीं चाहते कि बिजली देखकर बेचारे गांव के लोग बिना वजह परेशान हों।”

उधर, राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये सब विपक्ष की साजिस है। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली बंद करा दी गई थी। कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए हैं कि गांवों में बिजली देते समय पूरी सावधानी बरतें।”

विपक्ष की नेता मायावती ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। मायावती ने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को बिजली के झटके दिए जाएं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार केंद्र की धनराशि का दुरुपयोग कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि “अगर इसी तरह बिजली की फ़िजूलखर्ची होती रही तो फिर हमारे शॉपिंग मॉल्स और फैक्ट्रियों के लिए बिजली कहां से आएगी।”



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