Wednesday, 25th April, 2018

चलते चलते

देशभर के इंजीनियर ज्वॉइन करेंगे अन्ना का मूवमेंट, कहा- "अन्ना देते हैं 100% प्लेसमेंट!"

28, Mar 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. कौन कहता है बीता वक़्त लौट के नहीं आता है? एक बार फिर वही चुनावी माहौल है। एक बार फिर सरकार पर इल्ज़ामों का सिलसिला चालू है और एक बार फिर अन्ना हज़ारे अनशन पर बैठ चुके हैं। पहले दो तो ठीक हैं लेकिन अन्ना हज़ारे के अनशन से काफ़ी लोग ख़ुश नहीं हैं। ऐसे में अगर अन्ना को किसी का साथ मिलता दिख रहा है तो वो हैं हमारे देश के होनहार मगर बेरोज़गार इंजीनियर्स!

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अन्ना मूवमेंट को ज्वॉइन करने जाते इंजीनियर

जी हाँ, अन्ना के मूवमेंट को इस बार कोई और नहीं बल्कि देशभर के इंजीनियर ज्वॉइन करते दिख सकते हैं। ख़बर है कि इंजीनियर लोग ऐसा इसलिए कर सकते हैं क्योंकि अन्ना मूवमेंट के पिछले बैच के सभी लोगों को अच्छी नौकरी मिल गयी थी। और ऐसी प्लेसमेंट की गारंटी तो IIT भी नहीं देता! हमने इस बारे में ऑल इंडिया इंजीनियर एसोसिएशन के लीडर अनिल चुग्ग से बात की। चुग्ग जी ने अन्ना मूवमेंट में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा, “मैं पिछले दस सालों से बेरोज़गार हूँ। मैंने ज़िंदगी में दो ही ग़लतियाँ की है। एक तो जनरल कोटा में पैदा हुआ और फिर इंजीनियरिंग कर ली। हाल इतना बुरा है कि शहर में ऐसा कोई सिगरेटवाला नहीं बचा, जिसका मुझ पे उधार ना रहता हो। मैं लीडर हूँ और मेरा यह हाल है, तो सोचो बाक़ी इंजीनियरों का क्या हाल होगा! बस इसलिए मैंने और मेरे जैसे लाखों इंजीनियरों ने अन्ना मूवमेंट ज्वॉइन करने का फ़ैसला किया है। CM की पोस्ट ना सही, कोई छोटी-मोटी सरकारी नौकरी ही मिल जाए तो हम तो उसी में ख़ुश हो जाएँगे।”

“लेकिन क्या आप किसी इंजीनियर को अपने मूवमेंट में दोबारा शामिल करने का रिस्क लेंगे?” यह पूछने पर अन्ना ने कहा, “केजरीवाल की वजह से मेरी बहुत खिल्ली उड़ी है क्योंकि वो भी इंजीनियर ही था। यही कारण है कि अब मेरी रैली में कोई भी नहीं आता। ऐसे में अगर ये बच्चे मेरा मूवमेंट ज्वॉइन कर लें तो कम से कम कुछ भीड़ तो दिखेगी। हालाँकि इंजीनियर बड़े मतलबी होते हैं लेकिन इनके आने से मेरा भी फ़ायदा होगा तो आने दो!”

अन्ना के अनशन में भूख हड़ताल करना इंजिनियरों के लिए कोई नयी बात नहीं होगी क्योंकि उन्हें तो अक्सर भूखा रहकर बाहर घूमने की आदत होती है। वैसे भी, अगर सरकारी नौकरी या राजनीति की हॉट सीट पर बैठने का मौक़ा सामने हो तो भूख किसको लगेगी? अब तो बस यह देखना है कि क्या इस बार फिर अन्ना का इन्स्टिट्यूट 100% प्लेसमेंट दे पाता है या नहीं?



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