Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

मैं गंगा को साफ़ करके ही छोड़ूँगी, चाहे मोदी जी मिनिस्ट्री से हटा दें: उमा भारती

03, Sep 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी ने उमा भारती से गंगा की साफ़-सफ़ाई का मंत्रालय छीनकर मल-मूत्र (सैनीटेशन) का काम सौंप दिया है। इस नयी मिनिस्ट्री में उमा जी का काम स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) की देख-रेख और गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराना होगा। छी…छी…छी! कहाँ गंगा मैय्या जैसा पवित्र मंत्रालय और कहाँ ये मल-मूत्र और खुले में शौच रोकने का काम! हे भगवान!

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गंगा को साफ़ करने की सौगंध खातीं उमा भारती

इस ‘छी-छी भरे फेरदबल’ से उमा जी इतनी नाराज़ हैं कि आज शपथ-ग्रहण समारोह में भाग लेने भी नहीं आईं। उन्होंने भर्राये हुए गले से कहा कि “मैं गंगा मैय्या को साफ़ करने ही वाली थी कि मोदी जी ने मुझसे मेरा मंत्रालय ही छीन लिया।” फिर उन्होंने आँसू पोंछेते हुए कहा, “लेकिन कोई बात नहीं! चाहे मुझे गंगा मैय्या की आरती हर महीने के बजाय रोज़ ही क्यों ना करनी पड़े, मैं गंगा मैय्या को साफ़ करके ही दम लूँगी! मिनिस्ट्री छिनने से मैं रुकने वाली नहीं हूँ!”

ग़ौरतलब है कि उमा जी पिछले 3 सालों से गंगा की सफ़ाई में पूरे जी-जान से जुटी हुई थीं। इसके लिये वो हर महीने पूरे नैम-टैम से सुबह-शाम गंगा जी की आरती किया करती थीं। अब तक वो लगभग दो सौ आरतियाँ कर चुकी थीं और कहीं-कहीं गंगा जी का पानी साफ़ भी दिखाई देने लगा था।

जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी जी ने जल संसाधन मंत्रालय उमा जी से छीनकर नितिन गडकरी को दे दिया है, जो पहले से ही सड़क परिवहन के साथ-साथ समुद्री परिवहन (जहाजरानी) का मंत्रालय भी संभाल रहे हैं। इस फेरबदल की वजह बताते हुए बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि “आपको तो पता ही है कि हम जल्दी ही गंगा और यमुना में पानी के जहाज़ चलाने वाले हैं। और चूंकि गडकरी जी ऑलरेडी जहाजरानी मंत्री हैं तो उन्हें पहले से ही पानी के जहाज़ चलाने का एक्सपीरिएंस है।”

फिर मोनालिसा की तरह मुस्कुराते हुए संबित बोले, “गाड़ी सड़क पे चलानी हो या पानी में, गडकरी जी कहीं भी चला सकते हैं। बस उन्हें अपने समोसे टाइम पे मिलते रहने चाहिये।”



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