Friday, 28th July, 2017
चलते चलते

सचिन को आईपीएल मैच के बहाने धोख़े से राज्यसभा ले गये संदिग्ध युवक

18, Apr 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/मुंबई. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को धोख़े से राज्यसभा ले जाने का सनसनीख़ेज़ मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दो संदिग्ध युवकों ने कल सचिन से कहा कि “हम मुंबई इंडियंस टीम के स्टाफ़ से हैं और आपको मैच के लिये लेने आये हैं। चलिये, प्लेन आपका वेट कर रहा है।” चूंकि मुंबई इंडियंस के स्टाफ़ में पंद्रह-बीस कोचों समेत सैंकड़ों लोग हैं, इसलिये सचिन को उन पर शक नहीं हुआ और वो उनके साथ प्लेन में बैठ गये।

Sachin Rajyasabha
पार्लियामेंट में अपने साथ हुए धोख़े की जानकारी देते सचिन

डेढ़ घंटे बाद प्लेन जब दिल्ली में उतरा तो सचिन ने सोचा कि आज का मैच दिल्ली में होगा और वो प्लेन से उतरकर उनके साथ-साथ हो लिये। जब वे दोनों उन्हें लेकर संसद परिसर में घुस गये तो उन्हें जगह कुछ जानी-पहचानी सी लगी। दिमाग़ पर थोड़ा ज़ोर डालने पर उन्हें याद आ गया- “आइला! ये तो पार्लियामेंट है! यहां तो मैं पहले भी दो-एक बार आ चुका हूं।”

जब तक सचिन कुछ समझ पाते, तब तक दोनों युवक उन्हें राज्यसभा में पहुंचाकर नौ दो ग्यारह हो चुके थे। राज्यसभा के उप-सभापति पीजे कुरियन अचानक सचिन को देखकर हक्के-बक्के रह गये। उन्होंने उन्हें हुई असुविधा के लिये ख़ेद जताया और मार्शलों की सुरक्षा में उन्हें पार्लियामेंट के बाहर तक छुड़वाया। बाहर आते ही सचिन ने संसद मार्ग थाने में अपने साथ हुई धोख़ाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि “वैसे, कल मुंबई इंडियंस का कोई मैच नहीं था लेकिन सीधे-सादे सचिन बिना सोचे ही चल पड़े। उन्होंने इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि आज कोई मैच है या नहीं और अगर है तो कहां है! फिलहाल हम दोनों संदिग्धों की तलाश में दिल्ली का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं, उम्मीद है जल्दी ही हम उन दोनों शातिरों को पकड़ लेंगे।”

“और आगे के लिये हमने सचिन को मुंबई टीम के स्टाफ़ मेंबर्स के फोटो वाली एलबम दे दी है, ताकि कोई फिर से उनके साथ ऐसा धोख़ा ना कर सके।” -रंजन ने बताया।

उधर, मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों ने सचिन के बैगर खेलने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि “अगर हमें बाउंड्री लाइन के बाहर सचिन पाजी बैठे दिखाई ना दें तो हमारा खेलने में मन ही नहीं लगता। राज्यसभा में बेशक वो पांच साल मे कभी-कभार ही पहुंच पाये हों लेकिन हमारे हर मैच में ज़रूर मौजूद रहते हैं। ऐसा है हमारा रिश्ता!”



ऐसी अन्य ख़बरें