Thursday, 24th August, 2017

चलते चलते

लालू का ढंग से इलाज ना होने पर तेज प्रताप ने की अपने ही घर में तोड़फोड़

14, Jun 2017 By बगुला भगत

पटना. अपने परिजन का इलाज ठीक ढंग से ना होने पर भारत के लोग अक्सर हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करते हैं और डॉक्टरों से मारपीट करते हैं। इसी परंपरा को निभाने के चक्कर में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने ही घर में तोड़फोड़ कर दी। यह हैरतअंगेज़ घटना पिछले हफ़्ते उस समय हुई, जब डॉक्टर तेज प्रताप के पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दस्त नहीं रोक पाये।

Tej Pratap Yadav2
दस्त ना रुकने पर डॉक्टर को धमकाते तेज प्रताप

चूंकि तेज हेल्थ मिनिस्टर हैं, इसलिये उन्होंने तीन डॉक्टरों और दो नर्सों की एक टीम को पापा के दस्त रोकने के लिये अपने घर पर ही तैनात कर दिया। डॉक्टरों ने अपनी जान लगा दी लेकिन लालूजी के दस्त थे कि कंट्रोल ही नहीं हो पाये और वो नौवें दिन भी कपड़े पीले करते रहे। डॉक्टरों ने लाचारी जताते हुए कहा कि “मिनिस्टर साब! लालूजी की यह पुरानी बीमारी है, जब उन्होंने चारा खाया था, तभी से उनका हाजमा ख़राब है और कभी भी पेट चल जाता है।”

यह सुनकर तेज प्रताप के सब्र का बाँध टूट गया। वो भूल गये कि उनके पिताजी का इलाज हॉस्पिटल में नहीं बल्कि उन्हीं के घर में चल रहा है। वो डॉक्टरों पर पिल पड़े और अपने समर्थकों के साथ अपने ही घर में तोड़फोड़ मचानी शुरु कर दी। यह देखकर राबड़ी जी उन्हें डाँटते हुए बोलीं, “ई का कर रहे हो तेजवा? ई हस्पताल नहीं है, तोहार अपना घर है रे बुड़बक!”

तब कहीं जाकर तेजू को होश आया। होश में आते ही उन्होंने तोड़फोड़ तो बंद कर दी लेकिन डॉक्टरों को लपेटना चालू रक्खा। डॉक्टर जान की भीख़ मांगते हुए बोले, “दो दिन की मोहलत और दे दीजिये मिनिस्टर साब! अगर दो दिन में ना रुके, तो फाँसी पे चढ़ा देना!” इस पर तेजू ने तरस खाकर डॉक्टरों को मोहलत दे दी और भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के लिये बाँसुरी बजाने लगे।

आख़िरकार, डॉक्टरों की मेहनत और भगवान कृष्ण की कृपा से दस्त तो बंद हो गये लेकिन एक नयी मुसीबत खड़ी हो गयी। पता चला कि डॉक्टरों ने शायद कुछ ज़्यादा ही तगड़ी दवा दे दी, जिसकी वजह से लालूजी को बंद लग गया है और वो दो दिन से फ़ारिग़ ही नहीं हुए। अब बंद को चालू करने के लिये डॉक्टर बुलाये जा रहे हैं।



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