Monday, 21st August, 2017

चलते चलते

हाईकोर्ट ने रद्द किया गुर्जरों का आरक्षण, रेल मंत्री सुरेश प्रभु लगाएंगे पुनर्विचार याचिका

12, Dec 2016 By Ritesh Sinha

जयपुर/नयी दिल्ली. राजस्थान हाईकोर्ट ने गुर्जरों को एसबीसी कोटे में मिला आरक्षण रद्द कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से गुर्जर आन्दोलन को तो धक्का लगा ही है लेकिन रेलमंत्री सुरेश प्रभु गुर्जरों से भी ज्यादा दुखी बताए जा रहे हैं। प्रभु ने इस फ़ैसले पर निराशा जतायी है और कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का फ़ैसला किया है।

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अपने काम में जुटे हुए गुर्जर

अपने इस निर्णय की जानकारी देते हुए प्रभु जी ने पत्रकारों को बताया कि “माननीय उच्च न्यायालय को फ़ैसला सुनाते समय पटरियों का पक्ष भी सुनना चाहिये था क्योंकि रिज़र्वेशन के फ़ैसले से ‘पटरी पक्ष’ ही सबसे ज़्यादा प्रभावित होता है। उधर गुर्जर रिज़र्वेशन मांगते हैं और इधर हमारी पटरियां पानी मांगने लगती है। रिज़र्वेशन कैंसल होते ही वे रेल पटरियों की ओर दौड़ पड़ते हैं।”

“रेलमंत्री होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि मैं रेलवे की संपत्ति की रक्षा करूँ। लेकिन हाईकोर्ट ने अपने इस फ़ैसले से मेरी पटरियों की जान जोखिम में डाल दी है। अब तक तो वे अपने भाले-बेल्चे लेकर निकल भी चुके होंगे।” – कहते हुए प्रभु कुछ पुराने फोटो दिखाने लगे और बोले- “देखिए! मासूम रेल पटरियों का क्या हाल किया था इन्होंने पिछली बार!”-कहते हुए वो भावुक हो उठे।

थोड़ी देर बाद अपने आप को सम्हालते हुए बोले- “इसीलिए हमने फैसला किया है कि हम माननीय कोर्ट से ये अपील करेंगे कि इस फैसले को वापस लिया जाए ताकि सैकड़ों पटरियों की जान बचाई जा सके।” यह कहकर वो अपने वकीलों के साथ सलाह-मशविरे में लग गये।

उधर, फ़ैसला आते ही गुर्जरों ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सैकड़ों की तादाद में गुर्जरों को सुबह-सुबह व्यायाम और दंड बैठक लगाते हुए देखा गया है, ताकि पटरी उखाड़ने के लिए शरीर को तैयार किया जा सके। साथ ही  दूध, दही, देशी घी और मक्खन की खपत में भी 200 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई है।



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