Friday, 28th July, 2017
चलते चलते

सनी पाजी ने मारा ढाई किलो का हाथ, बंद पड़े ATM से भी निकलने लगा कैश

18, Dec 2016 By Pagla Ghoda

भिन्डी बाजार, मुम्बई. सनी पाजी के ढाई किलो के हाथ से जो लोग थर-थर कांपते हैं, उनकी फेहरिस्त काफी लंबी है। इस लिस्ट में बलवंत राय, उसके कुत्ते और पाकिस्तानी सेना ये सब तो शामिल हैं ही, अब बंद पड़े ATM भी इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। हुआ यूँ कि भिन्डी बाजार के एबीसीडी बैंक के एटीएम में पिछले कई दिनों से कैश ना होने से इलाके के लोग काफी परेशान थे, लेकिन सनी पाजी का एक हाथ पड़ते ही एटीएम ने तुरंत कैश उगलना शुरु कर दिया और देखते ही देखते वहां भीड़ लग गयी।

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अपना ढाई किलो का हाथ लेकर एटीएम की ओर बढ़ते सनी पाजी

सनी ने बाद में फेकिंग न्यूज़ को बताया, “मैं सुबह सो के उठा ही था कि पापा ने कहा बेटा सनी जाओ जाके एटीएम से थोड़े पैसे निकाल लाओ, शाम को पार्टी है, उसका कैटरर कार्ड पे दस परसेंट एक्स्ट्रा मांग रहा है। उस टाइम पे अभय भी घर पे आया हुआ था। मैंने कहा बाबूजी…मेरा मतलब पापा, हमारे घर में अभय सबसे छोटा है, आप उसे क्यों नहीं भेजते। तो अभय उसी वक़्त कन्नी काट गया। अपनी ‘ओये लकी लकी ओये’ के उलटे-पुल्टे डायलॉग मारने लगा कि पैसा सब मोह-माया है वगैरह-वगैरह। फिर हम सबने उम्मीद से बॉबी की तरफ देखा जो कि रजाई ओढ़े सो रहा था। वो रजाई में से फेस निकाल के बोला “मैं तो वैसे ही हर चीज़ में सनी भैया से पीछे हूँ, आप लोग तो मुझे जानते ही हो।” और फिर सो गया। पापा भरे हुए गले से बोले ठीक है मैं ही जाता हूँ, सोचा था अपने तो अपने होते हैं। लेकिन मैं गलत था। अब एटीएम की लाइन में लगता हूँ इस बुढापे में। मैंने कहा पापा अब आप सेंटी मत मारो, ‘अपने’ मूवी सीन मत क्रिएट करो, मैं जा रहा हूँ।”

बैगपाइपर क्लब सोडा का एक गिलास गटकते हुए सनी पाजी आगे बोले, “फिर क्या था, मैंने अपनी सिंह साहब दी ग्रेट वाली जीप निकाली, और एटीएम ढूंढने निकल पड़ा मुम्बई की सड़कों पे, लेकिन हर जगह लंबी लाइनें। तभी मैंने देखा कि भिन्डी बाजार में एक एटीएम खाली पड़ा है, जिस पे “नो कैश” का बोर्ड भी नहीं है। मैंने अपना डेबिट कार्ड डाल के ढाई हज़ार का अमाउंट डाला लेकिन ना कैश निकला ना कार्ड बाहर आया। एटीएम के अंदर से “प्लीज वेट व्हाइल योर ट्रांसक्शन इज प्रोसेस्ड” वाली लाइन रिपीट मोड में चलने लगी। मेरा गुस्सा अब सातवें आसमान पे था। मैं पहले तो बहुत ज़ोर से चीखा, “ओये एटीएम दे पुत्तर, मेरा कैश देने में हिचक मत, नहीं तो ये ढाई किलो का हाथ जब किसी एटीएम पे पड़ता है ना, तो एटीएम हिचकता नहीं है, पिचक जाता है। लेकिन फिर भी एटीएम वाली आंटी की आवाज़ यही बोलती रही “प्लीज वेट व्हाइल योर ट्रांसक्शन इज प्रोसेस्ड”।”

“मुझे बहुत गुस्सा चढ़ गया, मैंने मूछों पे ताव दिया, हाथ में पहना कड़ा थोड़ा एडजस्ट किया और ज़ोर से एक मुक्का एटीएम के की-बोर्ड पे दे मारा। एटीएम में एक ज़ोरदार आवाज़ हुई और वो दीवार में थोड़ा सा धंस गया। उसकी स्क्रीन पे मैट्रिक्स मूवी की तरह हज़ारों नंबर चलने लगे। मैं एक और घुसंड मारने ही वाला था कि उसी वक़्त अंदर से गर्रर-गर्रर की आवाज़ आयी और खटाखट कैश निकलने लगा, वो भी सौ-सौ के नोटों में। जितने में मैंने अपना कैश कलेक्ट किया, स्लिप देखी, इतने में ही एटीएम के बाहर भीड़ लग गयी। मैं खुश हो गया कि मेरे इत्ते सारे फैन्स मेरे इंतज़ार में बाहर खड़े हैं, लेकिन मेरे बाहर निकलते ही भीड़ ने मुझे साइड किया और एटीएम में पहले घुसने के लिए आगे खड़े लोगों में ज़बरदस्त झगड़ा पड़ गया। काफी लोग वहां हॉकी, सरिया, दरांती और बड़े-बड़े चाक़ू लेके आये हुए थे। पहले तो मुझे फीलिंग आयी कि मैं सबको धो डालूँ। लेकिन फिर लगा कि पापा इंतज़ार कर रहे होंगे घर पे और बेचारा बॉबी भी भूखा होगा, तो उनके लिए चौपाटी से कुछ समोसे, पानी-पूरी पैक करवा के निकल लूँगा, यहाँ टाइम वेस्ट करने से क्या फायदा। और मैं वहां से निकल लिया।”

सनी पाजी के वहां से जाने के बाद वहां एटीएम में घुसने को लेकर लड़ाई-झगड़ा थोड़ी देर में शांत हो गया और काफी लोगों को सनी पाजी की बदौलत कैश मिल गया। इतना ही नहीं, सनी पाजी के ढाई किलो के हाथ के असर से वो एटीएम अब एक दुधारू गाय के समान बन गया है और बिना रुके कैश डिस्बर्स किये जा रहा है। इस घटना के अगले ही हफ्ते में भेंडी बाजार के आस-पास के इलाकों में चवालीस शादियां हो चुकी हैं, जो पहले कैश की कमी के कारण रुकी हुई थीं, एक सौ पांच बच्चों के स्कूल में एडमिशन हो गये, जो पहले कैश की कमी के कारण नहीं हो पा रहे थे। इस घटना से एक बार फिर साबित हो गया कि सनी पाजी केवल रील के हीरो नहीं हैं, बल्कि रियल हीरो भी हैं।



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