Saturday, 18th November, 2017

चलते चलते

छात्र ने हिन्दी की परीक्षा में लिखा- "भारत में 'भक्ति काल' 2014 में भाजपा की जीत के साथ शुरू हुआ"

01, Aug 2017 By नास्त्रेदमस

पटना. एक स्कूल के ग्याहरवीं के छात्र गणेश रॉय ने हिन्दी की परीक्षा में कुछ ऐसा लिख दिया जिससे पूरा स्कूल असमंजस की स्थिति में है। सवाल सीधा और सरल हिंदी का था पर इसके जवाब ने तो पूरा इतिहास ही बदल दिया। सवाल था कि “भारत के भक्ति काल पर थोड़ा प्रकाश डालिये”, मगर गणेश रॉय ने तो इस पे पूरा हैलोजन लाइट ही मार दिया, नीचे पढ़िए उसके द्वारा दिया गया उत्तर-

Modi-Rally
भक्ति आंदोलन काल का एक विहंगम दृश्य

उत्तर १ः भक्ति काल भारत में अभी कुछ ही समय पहले केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2014 में प्रारम्भ हुआ है और कब तक चलेगा यह हमें मालूम नहीं! मगर बिहार में महागठबंधन की जो हालत हुई है उसे देखकर तो लगता है कि लम्बा ही चलेगा। भक्ति काल की शुरुआत वैसे तो आम चुनाव से पहले ही गुजरात में हो गयी थी किन्तु चुनावों के आते-आते यह भक्ति, यूट्यूब के वायरल वीडियो की तरह पूरे देश में फैल गई। भक्ति काल में भक्त तो बहुत से हुए हैं पर उनके ईष्ट सिर्फ एक ही रहे। कुछ भक्त तो हमारे स्कूल में भी हैं मगर हम नाम ना लेंगे, ऊ का है कि अगली साल हमें टॉप भी तो करना है।

इससे पहले भी एक परिवार के प्रति भक्ति कई दशकों से चली आ रही है, पर वह भक्ति एक पार्टी और उसके कुछ नेताओं से आगे ना बढ़ पाई। मगर भक्ति काल की ये भक्ति आम जन मानस में कुछ ऐसी फैल गयी है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। इसलिये कुछ विद्वान इसे अंध-भक्ति काल भी कहते हैं पर वे कुछ लोग यह सब उन भक्तों के सामने कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

इन भक्तों की भक्ति का साधन है सोशल मीडिया! सोशल मीडिया के द्वारा वह अपने ईष्ट-देव की वंदना करते हैं और अगर कोई इनके ईष्ट की निंदा कर दे तो उसे ट्रोल करके लपेट-लपेट कर सोशल मीडिया पे ही सूता जाता है। सोशल मीडिया ही वह साधन है, जिससे भक्त अपने ईष्ट से मिलते हैं और उनके दर्शन करते हैं।



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