Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

सरकार का नया आदेश- घर में रखी शराब ख़त्म करनी होगी दो अक्टूबर के पहले, पुलिस करेगी जाँच

30, Sep 2017 By Guest Patrakar

एजेंसी. अपनी पत्नी के मायक़े जाने के बाद वाले दिनों से ज़्यादा सुखमय कुछ होता है तो वो होता है नवरात्र ख़त्म होने के बाद के कुछ दिन! वे दिन जब आप पूरे नौ दिन की कड़ी तपस्या के बाद आख़िरकार मयखाने की चौखट पर जाते हैं। जब मदिरा का मीठा-कड़वा स्वाद मुर्ग़े की भीनी-भीनी ख़ुशबू को कॉम्प्लिमेंट करती है। मगर रुकिए! सावधान हो जाइए! इस बार शायद आपके मंसूबों पर पानी फिर जाए।

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‘ड्राई डे’ से पहले टूट कर पड़ते लोग

दरअसल, केंद्र सरकार ने फ़ैसला किया है कि इस बार गांधी जयंती से पहले हर शख़्स के घर की तलाशी ली जाएगी कि कहीं उसने गांधी जयंती के ‘ड्राई डे’ से बचने के लिए पहले से ही स्टॉक तो नहीं बचा के रखा है? अगर दो अक्टूबर के दिन घर में एक बूँद भी मिल गयी तो आपकी ख़ैर नहीं!

केंद्र का यह फ़ैसला सुनते ही लाखों लोग सड़कों पर उतर आये। पी० के० गिरपड़े, जो कि पिछले पच्चीस सालों से शराब पी रहे हैं, ने हमें अपना दुखड़ा बताया। उन्होंने कहा “इस बार नवरात्रि और गांधी जयंती ऐसे साथ-साथ आयी हैं, जैसे दारू पीने के बाद बदबू! मतलब इसकी कोई काट नहीं है। हम हर बार ड्राई डे से पहले स्टॉक रख लेते थे। पर लगता है जैसे इस बार वो भी सम्भव नहीं है।”

एक और पियक्कड़ जेडी पाइपर ने मोदी सरकार को गाली देते हुए कहा, “यह गुजराती ना ख़ुद पीता है ना हमें पीने देता है। नवरात्रि में पीयो तो बीवी जान लेती है और उसके बाद पीयो तो मोदी! मोदी जी को समझना चाहिए नौ दिन पीए बिना इंसान वैसे ही हो जाता है जैसे मजॉरिटी के बिना नेता!”

अब इसे समय की विडम्बना कहें या नये युग के तौर तरीक़े कि शराब और कबाब के बिना कोई भी पार्टी अधूरी लगती है। हालात इतने ख़राब हैं जनाब कि जहाँ पहले दिवाली पर महँगे पकवान मिला करते थे, वहीं आज जैक डेनियलस और ओल्ड मंक के मिनीयचर मिलते हैं। ऐसे में लोगों को भी समझना चाहिए कि जहाँ वो इतने दिन रुक गए है वहाँ एक और दिन क्यूँ नहीं रुक सकते? आख़िर ड्राई डे केवल दुकानों के लिए ही तो नहीं होता!



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