Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

अगर मेट्रो का उदघाटन अखिलेश जी से कराया होता तो सौ साल तक ख़राब नहीं होतीः सपा

06, Sep 2017 By बगुला भगत

लखनऊ. यूपी की राजधानी में आज मेट्रो चल गयी और चलते ही ख़राब भी हो गयी। मेट्रो में आई तकनीकी ख़राबी की वजह से सवारियों को इमरजेंसी गेट खोलकर बाहर निकाला गया। समाजवादी पार्टी ने इस ख़राबी के लिये योगी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि “अगर मेट्रो का उद्घाटन अखिलेश जी से कराया होता तो मेट्रो में 100 साल तक भी कोई ख़राबी नहीं आती और ये एकदम टनाटन चलती।”

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अखिलेश के बिना मेट्रो का उदघाटन करते योगी जी

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मेट्रो के उद्घाटन समारोह में ना बुलाये जाने पर कल से ही भड़के हुए हैं। अखिलेश का कहना है कि “लखनऊ में मेट्रो मैं लेकर आया और मुझी को उदघाटन पे नहीं बुलाया! मैं भी देखता हूँ वे कैसे चलाते हैं मेट्रो!” उधर, मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेट्रो में आयी ख़राबी के लिये अखिलेश और समाजवादी पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया है। योगी जी ने कहा कि “मनहूसों ने चलने से पहले ही झंडी दिखा दी थी, गड़बड़ी तो होनी ही थी!”

इस बीच, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेट्रो के डिब्बों पर “मेट्रो का कौन है सैंय्या, अखिलेश भैय्या अखिलेश भैय्या” नारे लिखे पोस्टर चिपका दिये, जिन्हें बाद में सीआईएसएफ़ के जवानों ने बड़ी मेहनत करके छुड़ाया। थोड़ी देर बाद, सपा के जवाब में बीजेपी और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मेट्रो को घेर लिया और डिब्बों पर कमल और मोदी जी के पोस्टर चिपका दिये। बेचारे सीआईएसएफ़ वाले फिर उन्हें छुड़ाने में लगे रहे।

अभी-अभी पता चला है कि मेट्रो का श्रेय लेने की सपा-भाजपा की यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुँच गयी है। सपा ने मेट्रो पर दावा ठोकते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके जवाब में बीजेपी ने भी मेट्रो को अपना बताते हुए अर्ज़ी दे दी है। इस पर मशहूर वकील राम जेठमलानी का कहना है कि “अदालत रामजन्मभूमि की तरह मेट्रो को भी दोनों पक्षों में बराबर-बराबर बाँट देगी। यानि आधे डिब्बे अखिलेश के और आधे योगी के!”



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