Monday, 20th November, 2017

चलते चलते

समय बचाने के लिये विधानसभा में ही कॉमेडी शो का सेट लगवाएंगे सिद्धू

22, Mar 2017 By बगुला भगत

चंडीगढ़. कांग्रेसी नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने कॉमेडी शो का सेट विधानसभा की बिल्डिंग में ही लगाने का फ़ैसला किया है। सिद्धू का कहना है कि “इससे आने-जाने में खर्च होने वाला टाइम बचेगा और मैं पब्लिक की ज़्यादा सेवा कर पाऊंगा।” अपने ठहाकों के लिये पूरे ब्रह्मांड में मशहूर सिद्धू ने ज़ोर का ठहाका लगाते हुए कहा- “वैसे कॉमेडी शो में हंसकर भी मैं पब्लिक की सेवा ही कर रहा हूं गुरु! ठोको…ठोको!”

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अपने शो के सेट पर ठहाका लगाते सिद्धू पाजी

सिद्धू के इस फ़ैसले की वजह बताते हुए उनके सेक्रेटरी मनप्रीत चुग्गी ने कहा कि “देखो जी, अब पाजी को असेंबली में भी बैठना है और असेंबली है चंडीगढ़ में और शो की शूटिंग होती है मुंबई में! जिसके लिये पाजी को रोज़ मुंबई आना-जाना पड़ता। तो फ़्लाइट में एयर होस्टेस से भी ज़्यादा हमारे पाजी नज़र आते और उनकी लाइफ़ पे ‘उड़ता पंजाब-2’ बन जाती। -कहकर चु्ग्गी जी भी ठहाका मारकर हंसे।”

उधर, विपक्ष इस ख़बर को सुनते ही उखड़ गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता एचएस फुल्का ने कहा है कि “असेंबली और कॉमेडी में कुछ तो फ़र्क रहना चाहिये। एक ही बिल्डिंग में दो कॉमेडी शो एक साथ नहीं चल सकते। इसलिये सिद्धू को अपने शो के लिये कहीं और जगह ढूंढनी होगी।” वैसे, प्लान बी के तहत सिद्धू ने विधानसभा भवन के बराबर वाली एक कोठी भी किराये पर ले ली है। अगर असेंबली में शूटिंग की परमिशन नहीं मिली तो वो अपना सेट उस कोठी में लगवा लेंगे।

उधर, कांग्रेस आलाकमान अभी भी सिद्धू से रिक्वेस्ट कर रहा है कि वो कॉमेडी शो छोड़ दें और सिर्फ़ पॉलिटिक्स पर ध्यान दें। लेकिन सिद्धू ज़िद पर अड़े हुए हैं और कह रहे हैं कि मैं दिन में पॉलिटिक्स करुंगा और रात में कॉमेडी! फ़ेकिंग न्यूज़ के रिपोर्टर से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि “मेरी पहचान नेता की कम और कॉमेडी शो वाले आदमी की ज़्यादा है। नेतागीरी का क्या है, आज है कल नहीं! लेकिन अपना टीवी वाला काम तो परमानेंट है।”

इसके बाद उन्होंने अपनी चिर-परिचित स्टाइल में शेर मारते हुए कहा- “बंदा सात बजे आये तो उसे देर कहते हैं, अगर नौ बज जायें तो फिर अंधेर कहते हैं, जो असेंबली में भी दहाड़े उसे शेर कहते हैं और जो कहीं भी कॉमेडी कर ले उसे दिलेर कहते हैं! ठोको…ठोको…गुरु!”

फिर साँस लेने के लिये कुछ सेकेंड रुके और बोले, “ले एक और सुन- गुलाबों की खुशबू दीवारें रोक नहीं सकतीं, सरदार की हंसी को असेंबली रोक नहीं सकती…” तभी हमारे रिपोर्टर ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा- “सॉरी पाजी, एक ज़रूरी कॉल आ रहा है” और मोबाइल कान पर लगाकर वहां से खिसक लिया।



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