Friday, 28th July, 2017
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शहाबुद्दीन ने मांगीं जेल के बाहर भी जेल जैसी सुविधाएं, नीतीश कुमार ने हाथ खड़े किये

14, Sep 2016 By बगुला भगत

सीवान. हाल ही में ज़मानत पर छूटे पूर्व सांसद एवं बाहुबली शहाबुद्दीन को जेल से बाहर आकर कुछ अच्छा-अच्छा सा नहीं लग रहा है। इसलिये उन्होंने दुखी होकर वापस जेल जाने की इच्छा जतायी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में उन्होंने जेल से बाहर ख़ुद को बेहद असुरक्षित बताया है।

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बाहर मिल रही सुविधाओं पर नाराज़गी जताते शहाबुद्दीन

शहाबुद्दीन ने पत्र में लिखा है कि “जेल में हमें जो सुविधायें मिल रही थीं, बाहर उसका आधा भी नहीं मिल रहा है। वहां तो हमारे इशारा करने की देर होती थी, जेलर लोग एक मिनट में लेकर हाजिर हो जाते थे।” जेल के सुनहरे दिनों को याद करते हुए वो आगे लिखते हैं कि “अंदर हम क्या करते थे, किसी को कुछ पता नहीं चलता था। अब तो साला हमरी हर बात पे नजर रखी जा रही है। हम किससे मिलने जा रहे हैं, कौन हमसे मिलने आ रहा है, हम क्या बोल रहे हैं, क्या नहीं बोल रहे हैं। सब टीवी पे आ रहा है।”

इस पत्र में शहाबुद्दीन ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी है। वो लिखते हैं कि “हमरे जेल जाने के बाद बहुत गुंडा लोग पैदा हो गया है। इसलिये हमें बाहर आकर कुछ सेफ-सेफ सा फील महसूस नहीं हो रहा है।” अपने पुराने दिनों को याद करते हुए वो लिखते हैं कि “डॉन लोगों में सबसे पहली एके-47 हमरे पास थी। अब तो सुना है कि वो गजियाबाद वाले भी एके-47 चलाने लगे हैं।”

उन्हें अपने उस दरबार की भी बहुत याद सता रही है, जिसे वो जेल में सजाया करते थे। मुख्यमंत्री के जनता दरबार पर तंज़ कसते हुए उन्होंने लिखा है कि “आप खुद्दै तो अपना दरबार लगा रहे हो, हमरे दरबार का आपको कौनो चिंता-फिकर नहीं है। आज अगर लालूजी सीएम होते तो अपने हाथों से हमरा दरबार सजाते, तब हमें ऐसे गिड़गिड़ाना नहीं पड़ता।”

पत्र के अंत में वो चेतावनी देते हुए कहते हैं कि “एक हफ्ता के अंदर सब इंतजाम कर दीजिये नहीं तो हम फिर किसी को जला-वलाकर खुद ही अपने अंदर जाने का बंदोबस्त कर लेंगे। समझे!”

शहाबुद्दीन की इन सारी मांगों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ-पांव फूल गये हैं क्योंकि वो जानते हैं कि बिहार में जेल के बाहर जेल जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा पाना उनके भी बस की बात नहीं है। अब उन्हें सिर्फ़ सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद है, जो शहाबुद्दीन को वापस जेल भेजकर उनकी मुश्किलें कम कर सकता है।



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