Saturday, 24th June, 2017
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सेक्युलर पत्रकार ने देश से राखी-less रक्षाबंधन की अपील की, कहा धागे के रेशों से वायु प्रदूषण बढ़ेगा

06, Aug 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: अत्यंत ही सेक्युलर एवं लिबरल टाइप की पत्रकार श्रीमती गीता विश्वास ने सभी देशवासियों से एक भावुक अपील करते हुए राखी-less रक्षाबंधन मनाने की अपील की है। श्रीमती विश्वास के अनुसार ऐसा करने से पर्यावरण को होने वाले भारी नुक्सान से बचा जा सकता है। यही नहीं उनके अनुसार राखी का त्यौहार समाज की पुरुष प्रधान मानसिकता को बढ़ावा देता है इसलिए भी इस प्रथा को बंद किया जाना आवश्यक है।

राखी से होने वाला प्रदूषण दिखता पत्रकार
राखी से होने वाला प्रदूषण दिखता पत्रकार

एक सेक्युलर-लिबरल पैनल डिबेट के दौरान श्रीमती विश्वास ने कहा कि “हम स्त्रियों को आज समाज को ये बता देना है कि हमें किसी पुरुष की आवश्यकता नहीं है अपनी रक्षा के लिए। चाहे वो भाई हो या पति या कोई और। हम स्वतंत्र नारियां हैं, इसलिए बंद कीजिये राखी बांधना, तोड़ दीजिये इस पुरुष प्रधान समाज की इन बेड़ियों को।” पर्यावरण का मुद्दा आने पर उन्होंने कहा, “जी हाँ राखी धागों से बनती है, जिसमे से कुछ न कुछ रेशे निकल कर पर्यावरण में आते हैं जो की टुबेरोक्लोसिस जैसी बीमारियों को जन्म देते हैं।”

जब उनसे पूछा गया के क्या उनकी पर्यावरण वाली थ्योरी को पुष्ट करने के लिए उनके पास कोई फैक्ट्स (तथ्य) हैं, तो श्रीमती विश्वास ठहाके मार कर हंस पड़ीं। बड़ी मुश्किल से हंसी रोक के उन्होंने पानी पिया। फिर थोड़े गंभीर अंदाज़ में कहा “देखिये हम पत्रकार हैं, हमारा फैक्ट्स से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं, हम तो बस जनता तक सच्चाई को पहुँचाना चाहते हैं।”

जब पैनल डिबेट में मौजूद जनता ने उनसे इस बारे में इन कुछ कठिन सवाल करने शुरू किये तो श्रीमती विश्वास ने कहा के चूंकि रक्षाबंधन पर कई बहने कार/टैक्सी इत्यादि द्वारा अपने भाइयों के घर जाती हैं तो उस कारण भी शहर में प्रदूषण बढ़ जाता है। “राखी के धागे से प्रदुषण” वाले फैक्ट्स दरअसल उनके व्यक्तिगत फैक्ट्स हैं। इसके बाद जनता में ज़्यादा शोरगुल होने के कारण पैनल डिबेट को वहीं रोकना पड़ा। इसके बाद डिबेट हॉल से सारी जनता को खाली करवा कर केवल पैनलिस्ट्स द्वारा डिबेट पूरी की गयी। ज़रुरत अनुसार एडिट करने के बाद इसे चैनल पर दिखा दिया जायेगा।



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