Sunday, 22nd April, 2018

चलते चलते

स्कूल पहुँचे मोदी जी को बच्चों ने दीं अपनी हिस्ट्री और साइंस की किताबें, बोले- "आपको ज़्यादा ज़रूरत"

11, Apr 2018 By Fake Bank Officer

मोतिहारी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात करने के लिए कल एक सरकारी स्कूल पहुँचे थे। पहले तो वहाँ के बच्चों को यह समझने में आधा घंटा लग गया कि वो देश के विदेशमंत्री नही, प्रधानमंत्री हैं। मोदी जी के साथ उनकी विश्वासपात्र भारत की भूतपूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी भी स्कूल की शिक्षा का गिरता हुआ स्तर देखने साथ में आई थीं।

Modi- School Kids
पाँचवीं की इतिहास की किताब पढ़ते मोदी जी

बच्चों को संबोधित करते हुए मोदी जी बोले, “बच्चों और बच्चियों! आज मैं तुम लोगों को बताऊँगा कि कैसे सम्राट अशोक ने वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन को हराया था और कैसे महाराणा प्रताप ने अकबर के छक्के छुड़ाए थे।”

इतना सुनते ही कुछ बच्चों ने उल्टी कर दी, जिसे मिड डे मील का हादसा समझकर उन्हें नज़दीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाक़ी बचे बच्चों ने बीच में टोकने की कोशिश की तो मोदी जी के साथ आईं स्मृति जी ने उनको बाहर जाकर मुर्गा बनने का हुकुम दे दिया।

फिर मोदी जी आगे बोले, “प्राचीन काल मे हमारा विज्ञान इतना समृद्ध था कि झोलाछाप डॉक्टर भी शल्य चिकित्सा में पारंगत थे और किसी का भी सर किसी के भी शरीर मे जोड़ देते थे।” इतना सुनना था कि बच्चों की आँखों में आँसू आ गए।

उसके बाद कुछ बच्चों ने हिम्मत की और आगे बढ़कर अपनी इतिहास और विज्ञान की किताबें मोदी जी को सौंप दी और बोले, “मोदी काका! आप ले जाइए इन्हें! हमसे ज़्यादा आपको इनकी ज़रूरत है। हम एक-दूसरे की किताब से काम चला लेंगे।”

उधर पान खाकर यहाँ-वहाँ थूकने वाले स्कूल के चपरासी श्याम प्रसाद कुपुत्र श्री राम प्रसाद, उम्र 45 वर्ष, ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री की बातें सुनकर कुछ शरारती बच्चों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है और उनकी समझ में आ गया है कि भारत मे बड़ा आदमी बनने के लिए ज़्यादा पढ़ना-लिखना ज़रूरी नही है।



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