Sunday, 28th May, 2017
चलते चलते

शादी में भी फेरों से पहले राष्ट्र-गान बजाना अनिवार्य, नहीं तो शादी कैंसल -सुप्रीम कोर्ट

05, Dec 2016 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. सिनेमाघरों में राष्ट्र-गान अनिवार्य करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज इसे शादी में फेरों से पहले भी अनिवार्य कर दिया है। इस फ़ैसले के लागू होने के बाद कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश में कोई भी शादी राष्ट्र-गान के बिना नहीं हो पायेगी। हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कोर्ट का यह फ़ैसला अन्य धर्मों की शादियों पर भी लागू होगा या नहीं।

Saat Phere
राष्ट्र-गान पर खड़े होते घराती और बाराती

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा है कि अब शादी में सात फेरे लेते समय सिर्फ़ मंत्रोच्चार ही काफ़ी नहीं है बल्कि राष्ट्र-गान बजाना भी अनिवार्य होगा। पंडित जी को मंत्रों के साथ-साथ राष्ट्र-गान भी सीखना पड़ेगा और राष्ट्र-गान के समय वर-वधू और पंडिज्जी समेत सारे घराती-बरातियों को भी खड़ा होना पड़ेगा। अगर एक भी बाराती बैठा रह गया तो शादी कैंसल समझो!

“पति के लिये पत्नी-भक्ति से ज़्यादा ज़रूरी देशभक्ति है। उसी तरह, जो पत्नी देश सेवा नहीं कर सकती, वो पति की सेवा क्या ख़ाक करेगी!” -फ़ैसला देते समय जज ने कहा।

कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद ऐसे लोग निराशा में डूब गये हैैं, जिनके घर में जल्दी में ही होने वाली है। मुनिरका के धर्मपाल टोकस ने बेटे की शादी के कार्ड पटकते हुए कहा “जैसे-तैसे तो हमारे टिंकू का रिश्ता तय हुआ था। परसों शादी है, अब दो दिन में राष्टगान वाला पंडत कहां से ढूंढ के लायें। लगता है हमारा टिंकू तो रंडवा ही रह जायेगा।”

इस फ़ैसले को लेकर पंडितों में भी भारी रोष है। ग़ाज़ियाबाद के पंडित बिसंबर पांडे ने फ़ेकिंग न्यूज़ को अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि”नोटबंदी की वजह से पहले ही हमारी दक्षिणा के लाले पड़ रहे थे। अब ये राष्ट्रगान की आफत आ गयी। अब बुढ़ापे में कहां राष्ट्रगान सीखते फिरें!”

सर्वोच्च न्यायालय के इस फ़ैसले के बाद फ़ेकिंग न्यूज़ ने पूरे देश में एक सर्वे किया। इस सर्वे में कोई भी पंडिज्जी पूरा राष्ट्रगान नहीं सुना पाये। नब्बे प्रतिशत पंडित जी ‘जन-गण मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य विधाता’ पर ही अटक गये।



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