Tuesday, 25th April, 2017
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"सलमान को सिर्फ़ पास से देखने के लिये नहीं बुलाया था" -अफ़वाहों पर जज साब की सफ़ाई

18, Jan 2017 By बगुला भगत

जोधपुर. बॉलीवुड के सुपरस्टार और ‘जगत-भाई’ सलमान ख़ान को आज आर्म्स एक्ट केस में भी बरी कर दिया गया। उनके बरी होने के बाद देश में तरह-तरह की अफ़वाहें चल रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि जज साब ने सिर्फ़ भाई को नजदीक से देखने के लिये बुलाया था, इसीलिये उन्हें सिर्फ़ 6 मिनट में ही बरी कर दिया। तो वहीं कुछ सरफिरे लोग कह रहे हैं कि जज साब ने भाई को सेल्फ़ी के बदले में बरी किया है।

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जज साब को दर्शन देने जाते सल्लू भाई

लेकिन भाई को बरी करने वाले जज ने इन सारी अफ़वाहों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि “मैं अपने चैंबर में उनसे मिला ज़रूर था लेकिन वहां हमने कोई सेल्फ़ी-वेल्फ़ी नहीं ली।” जज साब ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने सलमान को सिर्फ़ नज़दीक से देखने के लिये कोर्ट में बुलाया था।

“आपका मालूम है! यह केस 18 सालों से चल रहा है और मैं इस केस का दसवां जज हूं। इसलिये हम दोनों की आपस में जान-पहचान होनी ज़रूरी थी, इसीलिये हम चैंबर में पीछे जाकर मिले थे। बाद में मैंने कटघरे में बुलाकर सल्लू भाई से उनका नाम और पता पूछा, जिसका भाई ने सही-सही जवाब दे दिया। भला और मैं क्या पूछता!” -फ़ैसले की बारीकी को समझाते हुए उन्होंने कहा।

“वैसे भी, काले हिरण की औसत उम्र 10 से 15 साल होती है, जबकि इस केस को चलते हुए 18 साल से ज़्यादा हो चुके हैं। अगर वो उस दिन ना मरता, तो अब तक तो वो वैसे भी मर जाता।” -उन्होंने समझाया।

हमारा संवाददाता भी पूरी सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद था। उसने उन 6 मिनटों का यह ब्यौरा दियाः सलमान के वकील ने कहा कि “अगर भाई अपना ब्रेसलेट भी फेंककर मारते तो वो तो मर जाता फिर इन्हें बंदूक की क्या ज़रूरत थी?” तो सरकारी वकील ने तर्क दिया कि “जज साब तब अभियुक्त ब्रेसलेट नहीं पहनता था, ये तो उसने ‘जय हो’ फ़िल्म से पहनना शुरु किया है।” बचाव पक्ष के वकील ने फिर दलील कि “जब मेरा क्लाइन्ट किसी को अपनी फ़िल्म दिखाकर मार सकता है तो भला उसे बंदूक चलाने की क्या ज़रूरत है!”

इस दलील के आगे सरकारी वकील निरुत्तर हो गये और जज साब ने इसे मान लिया और भाई को बाइज़्ज़त बरी कर दिया।



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