Monday, 23rd April, 2018

चलते चलते

'रोज़ डे' के दिन इंजीनियरिंग कॉलेज के गार्डन से गुलाब का फूल हुआ ग़ायब, पुलिस जाँच की माँग

09, Feb 2018 By Guest Patrakar

पुणे. इंजीनियरों की जान पर हमेशा आफ़त बनी रहती है। उनका आधा साल इंटर्नशिप ढूँढने में तो आधा साल असाइनमेंट पूरा करने में निकल जाता है। फिर भी वक़्त बच जाए तो कोई और नयी मुसीबत! ऐसी ही मुसीबत का सामना इंजीनियरों को सात फ़रवरी यानी कि ‘रोज़ डे’ पर करना पड़ा, जब कॉलेज के गार्डन से एक दो नहीं बल्कि पूरे के पूरे 270 गुलाब उड़ गए!

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रोज़ डे पर ग़ुलाब चुराता इंजीनियरिंग स्टूडेंट

पुणे के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज (नाम गुप्त) में तब हड़कम्प मच गया जब कॉलेज के गार्डन से रोज़ डे के दिन सारे गुलाब ग़ायब हो गए। प्रिन्सिपल ने पुलिस जाँच की माँग करते हुए कहा है कि “गुलाब ग़ायब है तो लड़कियों को दिया होगा और लड़कियाँ है तो फिर ये स्टूडेंट्स इंजीनियर कैसे हुए? अगर चोर मेरे ही कॉलेज के लड़के निकले तो मैं उन्हें इस कॉलेज में क्या किसी भी कॉलेज में इंजीनियरिंग नहीं पढ़ने दूँगा!”

जबकि कॉलेज के एचओडी मनीष प्रभाकर ने बच्चों का साथ दिया। उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे फ़ेस्ट में से फ़ंड चुरा सकते है, डीन की गाड़ी में से पेट्रोल चुरा सकते है लेकिन रोज़ डे पर गुलाब नहीं चुरा सकते। यह एक ऑल बॉयज़ कॉलेज है और मैं इन निठल्लों को जानता हूँ। इन्हें तो कोई लड़की रक्षाबंधन पर राखी ना बांधे, फिर रोज़ डे पर गुलाब लेने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता! ये रोज़ डे पर मेरे ही साथ थे। हम सब मिल के आर्टस कॉलेज की लड़कियों को देख रहे थे। अगर इसके बावजूद भी डीन को कार्रवाई करनी है तो कर ले। हम किसी से नहीं डरते!”

हमने स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष प्रवीण ताम्बे से भी बात की। उसने भी अपने एचओडी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “रोज़ डे पर इंजीनियर केवल एक वजह से गुलाब चुरा सकता है- उसे महँगे दाम पर लोगों को बेचने के लिए! लेकिन आप शायद भूल रहे हैं कि हम इंजीनियर हैं, हम तो बिज़नेस भी नहीं कर सकते। इसलिए हमारे कॉलेज के बच्चों का गुलाब चुराना नामुमकिन है। यह ज़रूर आर्ट्स कॉलेज के लड़कों की हरकत है। वे ही हमारी बिल्डिंग में कूद के गार्डन से गुलाब ले गए होंगे और इल्ज़ाम हम पर लगा रहे हैं। बैंक PO का एग्ज़ाम हो या चोरी का इल्ज़ाम, आर्ट्स वाले अपनी ख़ामियों के लिए हम इंजीनियरों को ही दोषी ठहराते हैं। मैं चाहता हूँ कि पुलिस जल्दी से अपनी तफ़्तीश पूरी करे और गुनहगारों को सज़ा दे।”

पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है और शक के बिनाह पर तीन लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया है। पुलिस का मानना है कि इसमें किसी बाहर के बंदे का हाथ हो सकता है। फ़िलहाल डीन ने पुलिस से कॉलेज के बाहर सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है, जिसे कमिश्नर साहब ने यह कह कर टाल दिया है कि “जब सारे चोर अंदर हैं तो बाहर सुरक्षा क्यूँ देना!” ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आख़िर चोरी की किसने?



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