Tuesday, 12th December, 2017

चलते चलते

राजस्थान के कॉलेज ने शुरू किया नया कोर्स- 'बीए इन फ़िल्म प्रोटेस्ट'

19, Nov 2017 By Rishabh

जयपुर. देश में फ़िल्म विरोध के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए राजस्थान के ‘क्रियो कॉलेज’ ने फ़िल्म विरोध का डिप्लोमा कोर्स लांच किया है। इस दो साल के कोर्स में विद्यार्थी ‘बीए इन फ़िल्म प्रोटेस्ट’ की डिग्री हासिल करेंगे। कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को पिक्चर हॉल में तोड़फोड़, पोस्टर जलाने के साथ-साथ डायरेक्टर और अभिनेताओं को धमकाने और मारने-पीटने के गुर भी सिखाये जाएंगे। क्रियो मैनेजमेंट का कहना है कि फ़िल्म विरोध की बढ़ती डिमांड के चलते हमारे इस कोर्स को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

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फ़िल्म प्रोटेस्ट कोर्स के पहले बैच के छात्र

क्रियो कॉलेज के वाइस-चांसलर आलोक त्रिवेदी बताते हैं कि “पिछले कुछ सालों में करणी सेना, शिव सेना, श्रीराम सेना और हिंदू सेना इत्यादि संगठनों ने कई फिल्मों का विरोध किया। लेकिन बिना फॉर्मल एजुकेशन वाले इस फ़िल्म प्रोटेस्ट की वजह से अधिकतर फिल्में रिलीज़ हो गईं। जोधा अकबर, पीके और बैंडिट क्वीन जैसी फ़िल्में ना सिर्फ रिलीज़ हुईं बल्कि दर्शको ने उन्हें सराहा भी। जिससे इन सेनाओंं का सक्सेस रेट काफ़ी कम हो गया है। हमारे कोर्स को करने के बाद निश्चित रूप से उनके सक्सेस रेट में इज़ाफ़ा होगा।

क्रियो मैनेजमेंट ने बताया कि उनका पहला बैच ऑलमोस्ट फुल हो गया है। इतना ही नहीं, छात्रों के रिक्रूटमेंट के लिए अभी से ऑफर्स भी आने लगे हैं। करनी सेना, शिव सेना के अलावा, सेंसर बोर्ड वाले भी यहाँ कैंपस इंटरव्यू करने आ रहे हैं। इस कोर्स के बाद लाखों बेरोजगार युवकों को पक्की नौकरी मिलने की उम्मीद है।

करनी सेना के श्री मकरान ने कहा कि “अभी अच्छे टेलेंट की कमी के चलते साल भर में हम सिर्फ़ 2-3 फिल्मों का ही विरोध कर पाते हैं। और विरोध के बाद भी ज़्यादातर फ़िल्में रिलीज़ हो ही जाती हैं। फ़िल्म प्रोटेस्ट प्रोफ़ेशनल्स के हमारी टीम में जुड़ जाने के बाद हम साल में कम से कम 10-12 फिल्मों का सफलतापूर्वक विरोध कर पाएंगे।”

इस कोर्स के दौरान पंकज निहलानी, लोकेंद्र सिंह कालवी और महिपाल सिंह मकरान जैसे फिल्म विरोधियों को गेस्ट फेकल्टी के रूप में बुलाया जाएंगा।



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