Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

राहुल गांधी का बेबाक़ बयान, 'रोहिणी' से 'गया' के बीच रहने वालों को बताया 'रोहिंग्या'

22, Sep 2017 By Guest Patrakar

वॉशिंगटन. राहुल गांधी अपने ‘बेबाक़ और बुद्धिमत्तापूर्ण’ बयानों के लिए पहले ही मशहूर हैं और वो इसका सबूत भी समय-समय पर देते रहते हैं। “One Morning I got up at night” (एक सुबह, जब मैं रात को सोकर उठा) उनके द्वारा कहा गया वाक्य अब वाकया बन गया है। राहुल जी के इस टेलेंट की वजह से ही कपिल शर्मा की तबियत ख़राब रहने लगी और फ़ाइनली उनका कॉमेडी शो बंद हो गया।

Rahul Gandhi 6
रोहिणी और गया की लोकेशन बताते राहुल जी

फ़िलहाल राहुल जी विदेश दौरे पर हैं, जहाँ वो कई नामी यूनिवर्सिटीज में लोगों और विद्यार्थियों को ज्ञान पेल रहे हैं। हालाँकि विद्यार्थियों को उनसे सवाल पूछने नहीं दिया जा रहा है, मगर विद्यार्थी भी कोई मौक़ा नहीं छोड़ रहे। बर्कले यूनिवर्सिटी में स्पीच दे रहे राहुल गांधी को तब अचानक रुकना पड़ गया, जब एक छात्र ने उनसे रोहिंग्या पर एक सवाल पूछ लिया। राहुल गांधी कुछ समय तक तो शांत रहे पर जब उन्होंने उत्तर दिया तो पूरा ऑडिटोरियम ठहाकों से भर गया। राहुल गांधी ने कहा, “रोहिंग्या दिल्ली के रोहिणी से बिहार के गया के बीच के स्थान को कहते हैं, और क्योंकि ये दोनो ही भारत के हिस्से हैं तो रोहिंग्या भी भारत का हुआ और रोहिंग्या मुस्लिम भी भारतीय हुए।”

राहुल जी का ये जवाब सिर्फ़ अमेरिका में ही नहीं बल्कि भारत में भी प्रसिद्ध हो गया। जहाँ एक तरफ़ आम जनता उनकी खिल्ली उड़ाने लगी, वहीं सरकार पर एक बार फिर से दबाव बन गया कि वो रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में जगह दे। काँग्रेस ने भी तुरंत राहुल जी के भाषण का समर्थन कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने कहा “अगर राहुल जी कह रहे हैं तो आज से यही मान्य होगा। राहुल जी का भाषण ये साफ़ दर्शाता है कि वो किसी में भेदभाव नहीं करते और आज हमारे देश को ऐसे ही ‘युवा’ नेता की ज़रूरत है।”

उधर, भाजपा के गिरिराज सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि “इस हिसाब से ‘चायना’ वालों को भी देश में पनाह दे देनी चाहिए क्योंकि ‘चायना’ मतलब वो लोग हैं जो ‘चाय’ को ‘ना’ कहते हैं और भारत में ऐसे लाखों लोग हैं। चूंकि राहुल जी शीघ्र ही कांग्रेस के राष्ट्रपति अध्यक्ष बनने वाले हैं, इसलिये उससे पहले ज़रूरी है कि वो देश की ज़िम्मेदारी उठाने से पहले भूगोल की किताब उठायें।”

इस बीच, राहुल गांधी के इस भाषण से एक नया ट्रेंड भी चालू हो गया है। एक ट्विटर यूज़र ने कहा कि “मुझे मौसंबी का जूस अच्छा लगता है तो सरकार को मुझे सरकारी ख़र्चे पर मोज़ाम्बिक की यात्रा पर भेजना चाहिए।”



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