Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

पटरीवाले ने लगाया राहुल गाँधी को चूना, 'गीता' के नाम पे थमा दी मस्तराम की किताब

06, Jun 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. भलाई का तो आजकल ज़माना ही नहीं रहा, महा-कलियुग आ गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी जैसे भले इंसान के साथ धोख़ाधड़ी का सनसनीख़ेज़ मामला सामने आया है। एक पटरीवाले ने श्रीमद् भागवद गीता के नाम पर उन्हें चूना लगा दिया है। इस धोख़ाधड़ी की शिकायत संसद मार्ग थाने में दर्ज करा दी गयी है। फिलहाल पुलिस उस पटरीवाले की तलाश में दिल्ली का चप्पा-चप्पा छान रही है।

Rahul 2
अपने साथ हुए धोख़े पर चिंतन करते राहुल जी

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी को समझने के लिये राहुल जी कल शाम गीता खरीदने घर से निकले थे। थोड़ी दूर चलने पर उन्हें एक बंदा किताब बेचता हुआ दिखायी दिया। उन्होंने उससे पूछ लिया कि “भैय्या, कोई अच्छी सी गीता है क्या?” एक तो रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वाले वाले वैसे ही पूरे गुरु होते हैं, दूसरे राहुल जी की इमेज भी कुछ ऐसी है कि बस क्या बताएँ! बस, उस पटरीवाले ने भी उनके इसी भोलेपन का फ़ायदा उठा लिया और गीता के नाम पर उन्हें मस्तराम की पीली पन्नी वाली किताब थमा दी।

चूँकि राहुल जी को देवनागरी पढ़नी नहीं आती, वो सिर्फ़ रोमन में लिखी हिंदी समझते हैं। इसलिये किताब के कवर को देखकर वो समझ ही नहीं पाये कि पटरीवाले ने उन्हें क्या थमा दिया है। हालाँकि कवर पर छपी अश्लील तस्वीर से उन्हें कुछ शक़ तो हुआ था लेकिन उन्होंने उसे अजंता-एलोरा टाइप कोई प्राचीन कालीन चित्र समझा और दो हज़ार रुपये में उसे खरीद लिया और झूमते हुए घर लौट आये।

वो तो बाद में जब दिग्विजय सिंह उन्हें गीता के श्लोकों का अर्थ समझाने उनके घर आये तब इस धोख़ाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ। किताब देखकर दिग्गी राजा हँसने लगे। सच्चाई जानकर राहुल जी बुरी तरह से शर्मा गये और एक घंटे तक अपने कमरे से नहीं निकले। जब दिग्गी राजा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो किसी को नहीं बताएंगे, तब कहीं जाकर उन्होंने दरवाज़ा खोला।

इसके बाद राहुल जी के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल थाने पहुंचा और सबूत के तौर पर पुलिसवालों को मस्तराम की किताब दिखाते हुए शिकायत दर्ज करा दी।



ऐसी अन्य ख़बरें