Monday, 27th March, 2017
चलते चलते

P.W.D. द्वारा बनाई नई ईमारत पर चढ़ते स्पाइडर मैन के ऊपर ईंटों समेत गिरी दीवारें, हुआ गंभीर रूप से घायल

18, May 2015 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: जाने माने सुपरहीरो स्पाइडर मैन उर्फ़ पीटर पारकर की जान उस समय आफत में आ गयी जब P.W.D. द्वारा नव-निर्मित एक छह मंजिला इमारत पर चढ़ते समय उस इमारत की दीवारे अचानक ढहने लग गयीं और काफी मात्रा में इंटे और मलबा अचानक स्पाइडर मैन के ऊपर आ गिरा। दुर्घटना के समय मौजूद लोगों ने किसी प्रकार उन्हें ईंटो के ढेर से निकाला और एक ऑटो द्वारा स्पाइडर मैन को AIIMS पहुँचाया गया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है।

एक खतरनाक अमेरिकी मुजरिम डॉक्टर ओक्टेविअस (डॉक ओक) की तलाश में श्री स्पाइडर मैन आजकल भारत दौरे पर आये हुए हैं। हादसे के समय वह नई दिल्ली में इमारतों की बीच उड़ान भर रहे थे और डॉक ओक की खोज कर रहे थे। हालाँकि इस इमारत की दीवारों के अचानक इस प्रकार ढह जाने के कारणों का पूरी तरह से अनुमान नहीं लगाया जा सका है, पर इमारत के निर्माण में इस्तेमाल हुए सीमेंट, सरिया इत्यादि की क्वालिटी पर सवालीया निशान अवश्य लगाये जा रहे हैं।

स्पाइडरमॅन गिरते हुए
स्पाइडरमॅन गिरते हुए

इस घटना की खबर मिलते ही स्पाइडर मैन की धर्मपत्नी श्रीमती मैरी जेन न्यू यॉर्क से नई दिल्ली की सबसे पहली उपलब्ध फ्लाइट में बैठ चुकी हैं, और कुछ ही घंटों में दिल्ली पहुँच जाएँगी। परन्तु उनके घनिष्ठ मित्र हैरी अपने व्यापार में चल रही व्यस्तता के कारण भारत नहीं आ पाएंगे। इसी बीच स्पाइडर मैन से बातचीत करने गयी मीडिया टीम को उन्होंने हॉस्पिटल में ही सम्बोधित किया।

पेश है उनसे हुई बातचीत का विवरण (अंग्रेजी से हिंदी में अनुवादित):

“दोपहर का समय हो चला था। मैं सुबह से अपने काफी भारतीय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ दे चूका था। बस मैं कुछ स्कूली लड़कियों से बात कर ही रहा था के तभी मुझे लगा के मैंने डॉक-ओक को दूर एक ईमारत पर चढ़ते देखा है। मैं तुरंत अपने स्पाइडर धागों के सहारे एक इमारत से दूसरी ईमारत के बीच झूलने लगा और उसका पीछा करने लगा। मैं इमारतों के बीच झूल ही रहा था के तभी एक खिड़की से एक महिला ने ढेर सारा कूड़ा-करकट मुझपर फेंक दिया। जब तक मैं खुद को झाड़ पोंछ कर आगे बढ़ता, डॉक्-ओक एक हाउसिंग सोसाइटी की इमारतों के समूह के बीच जाकर छिप गया था। मैंने भी प्लान बनाया के पास ही एक नयी बनी ईमारत के पीछे से छिपकर मैं उस पर नज़र रखूँगा।

उसी प्लान के मुताबिक जैसे ही मैंने अपने स्पाइडर धागे को उस नई ईमारत पर फेंक कर खेंचा, तुरंत ही एक ईंट मेरे धागे से खिंच कर तेज़ी से मेरी और आई और मैं गिरते गिरते बचा। आम तौर पर स्पाइडर धागे को ईमारत पर फेकने से वह उसपर चिपक जाता है, और मैं पेंडुलम की तरह उसपे झूल जाता हूँ, परन्तु यहाँ तो पूरी की पूरी ईंट ही दीवार से बाहर निकल आई। पहले मुझे लगा के शायद मुझ में ही इतनी शक्तियां आगयी हैं के अब मेरे खीचने भर से दीवारें टूट जाया करती हैं। परन्तु मैं गलत था। दरअसल उस इमारत पर पेंटिंग अवश्य कर दी गयी थी पर उसके खम्बे दीवारें इत्यादि बहुत कच्चे थे। फिर से स्पाइडर धागा उस दीवार पर फेंक कर जैसे ही मैं झूला, वह कच्ची दीवार मेरा वज़न बर्दाश्त नहीं कर पायी, और इंटों और सरियो समेत ईमारत की पूरी की पूरी दीवार मुझपर आ गिरी। मेरी स्पाइडर मासपेशियों की मज़बूती ने मुझे जीवित तो बचा लिया पर मेरे शरीर की कईं हड्डियां चरमरा गयी हैं और डॉक्टरों के अनुसार मुझे ठीक होने में कई हफ्ते लग सकते हैं। सदैव खुली हवा में उड़ने वाला मैं, अब खुद को काफी असहाय महसूस कर हूँ। ” – स्पाइडर मैन ने भरी आवाज़ में कहा।

इस घटना पर अब पूरे विश्वभर से प्रतिक्रियायें आनी शुरू चुकीं हैं। इस दुर्घटना के दो घंटे के भीतर ही भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर खेद व्यक्त करते हुए स्पाइडर मैन से सहानभूति ज़ाहिर की। उन्होंने इस दुर्घटनाक्रम की न्यायिक जांच करने का भी आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री के ट्विटर सन्देश के आधे घंटे के बाद विदेशी मीडिया में इस हादसे की खबरें दिखाई जाने लगीं।

हादसे के तक़रीबन छह घंटे बाद भारतीय मीडिया को भी इस हादसे की सुध लगी और उन्होंने आम आदमी पार्टी के झगड़ों और प्रधानमंत्री के विदेश दौरों से ध्यान हटकर इस घटना की और ध्यान केंद्रित किया। एक जाने माने न्यूज़ चैनल ने इस पूरे प्रकरण को एक नया एंगल देते हुए यहाँ तक कहा के चूँकि स्पाइडर मैन उर्फ़ पीटर पारकर एक ईसाई हैं, इसलिए ये हादसा ईसाइयों पर हो रहे संभावित अत्याचारों में एक नयी कड़ी भी हो सकता है, और मोदी सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय को इसका जवाब देना ही होगा।



ऐसी अन्य ख़बरें