Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

नेता के बेटे ने कहा- "आर्मी में जाऊँगा!", नेताजी छाती पकड़कर बैठ गये

06, Feb 2018 By बगुला भगत

ग़ाज़ियाबाद. एक नेताजी के बेटे ने कल अचानक से आर्मी में जाने की इच्छा जता दी, जिसे सुनते ही नेताजी छाती पकड़ कर बैठ गये और पूरे घर में मातम पसर गया। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये नेताजी हैं किस पार्टी के? सरकार जानबूझकर इस बात का ख़ुलासा नहीं कर रही है।

leader crying
बेटे को आर्मी में जाने से रोकते नेताजी

इस ख़बर को सुनते ही दूसरी पार्टियों के नेता इन नेताजी के घर पहुँचने लगे हैं। वे कह रहे हैं कि “समझाओ अपने बेटे को! आज वो पागल हुआ है, कल को अगर हमारे बेटे भी ऐसी बेवकूफ़ी करने लगे तो कैसे चलेगा!”

यह देश में अपनी तरह का पहला मामला है, जब किसी नेता का बेटा आर्मी में जाने वाला है। नेताओं के बेटे या तो नेतागीरी करते हैं या मैनेजमेंट या कंप्यूटर की डिग्री लेने विदेश जाते हैं या कोई बड़ा बिज़नेस करते हैं ना कि आर्मी में जाते हैं!

“बट पापा परसों तो आप कह रहे थे कि हमें देश के लिए क़ुर्बानी देनी चाहिए…देश पर मरने वाले जवान सबसे महान होते हैं!” -बेटे ने नेताजी को याद दिलाते हुए कहा।

“वो तो मैं बेटा…उस लड़के के घर पे था, जो बॉर्डर पे मरा है और ये बातें तो बेटा हम दूसरों के लिए कहते हैं, अपने लिए थोड़े ही! इन बातों को सीरियसली नहीं लेते बेटा! तुम दो ही बेटे हो मेरे…!” -नेताजी गिड़गिड़ाए।

“लेकिन भाषण में तो आपने…” “बेटा वो भाषण होता है और भाषण में तो ऐसी बातें बोली ही जाती हैं।” -उन्होंने बेटे के गाल को सहलाते हुए कहा।

“और उन लोगों के लिए तो आर्मी में जाने के अलावा और कोई ऑप्शन ही नहीं होता लेकिन बेटा तुम्हारे लिए तो ऑप्शन ही ऑप्शन हैं!” -नेताजी ने फिर समझाया।

अंतिम समाचार मिलने तक बेटा अपनी ज़िद पर अड़ा हुआ था और सारे रिश्तेदार उसे समझा रहे थे। सारी पार्टियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी जल्द ही उसे समझाने उनके घर पहुँचने वाला है क्योंकि इस घटना को पूरी ‘नेता बिरादरी’ पर संकट के तौर पर देखा जा रहा है।

इधर ये सब हो ही रहा था कि तभी नेताजी के पड़ोसी न्यूज़ एंकर के घर से भी रोने-चिल्लाने की आवाज़ें आने लगीं। लगता है टीवी पे अपने पापा की ‘टीआरपी वाली देशभक्ति’ देखकर शायद उनका बेटा भी ऐसी ही ज़िद कर रहा है।



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