Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

'विकास' का नाम बदलकर 'प्रगति' करेंगे मोदी जी, बदनामी से तंग आकर लिया फ़ैसला

03, Oct 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. पूरे देश में आजकल ‘विकास’ की ही चर्चा हो रही है। कोई कह रहा है ‘विकास पागल हो गया है’, तो कोई कह रहा है कि ‘विकास भटक गया है’ और कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि ‘विकास’ अभी पैदा ही नहीं हुआ। चारों ओर हो रही इस बदनामी से तंग आकर प्रधानमंत्री मोदी ने अब विकास का नाम बदलने का फ़ैसला कर लिया है। मोदी जी आज से उसे ‘विकास’ की जगह ‘प्रगति’ कहेंगे।

नाम बदलने की वजह बताते हुए बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि “बात ये है कि अब लोग ‘विकास’ का नाम सुनते ही बिदकने लगे हैं। और इस नाम की वजह से मोदी जी पर जोक भी बहुत बन रहे हैं। एक बार ये नाम बदल जायेगा तो ये जोक बनने भी बंद हो जायेंगे!”

Modi-Shah
‘विकास’ का नाम बदनाम होने से सब परेशान हैं

“लेकिन शेक्सपियर जी तो कह कर गये हैं कि नाम में क्या रक्खा है!” -यह सुनकर पात्रा जी ने कहा, “नाम में ही तो सब कुछ है बंधु!” फिर पतंजलि की काली चाय का एक घूँट भरते हुए बोले- “आपको वो ग्रेटर नोएडा वाला क़िस्सा नहीं मालूम क्या? जब ग्रेटर नोएडा (वेस्ट) का नाम बदनाम होने लगा तो बिल्डर लोगों ने उसका नाम बदलकर ‘नोएडा एक्सटेंशन’ कर दिया। नाम बदलते ही इमेज बदल गयी, फ़्लैट खरीदने वाले लोग फिर से आने लगे और बिल्डर्स का काम-धंधा भी फिर से चल पड़ा।”

“इसलिये हमें भी उम्मीद है कि नया नाम रखने से हमारा भी रुका हुआ धंधा फिर से चल पड़ेगा…आई मीन…लोगों का सपोर्ट मिलना शुरु हो जायेगा।” -कहकर उन्होंने एक और घूँट भरा।

“लेकिन नये नाम के साथ मोदी जी को दिक़्क़त नहीं होगी?”, इस सवाल पर पात्रा जी होंठ बिचकाते हुए बोले, “देखिये, थोड़ी-बहुत मुश्किल तो आयेगी क्योंकि तीन-चार साल से उन्हें सोते-जगते ‘विकास’ बोलने की ही आदत रही है। बट डोंट वरी! वो कोई आम इंसान नहीं हैं, मोदी जी हैं! दो-चार दिन में ही ‘प्रगति’ बोलने की आदत डाल लेंगे और इसे विकास से भी ज़्यादा पॉपुलर कर देंगे!”



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