Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

"किसी ने 500 रु. का काला धन अब भी दबा रखा है, उसे निकालने के लिए फिर से करनी पड़ेगी नोटबंदी" -मोदी

01, Sep 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. नोटबंदी के 9 महीने बाद भी प्रधानमंत्री मोदी के ब्लैक मनी पर हमले जारी हैं। काले धन को ख़त्म करने का संकल्प 500वीं बार दोहराते हुए उन्होंने आज एक रहस्योदघाटन किया। उन्होंने कहा कि “देश में एक बंदे ने 500 का एक काला नोट दबा रक्खा है। असल में, नोटबंदी उसी नोट को निकालने के लिये की गयी थी, लेकिन वो ही छुपा रह गया!”

Modi- Notebandi-1
“पाँच सौ के उस नोट को मैं निकाल के रहूँगा मित्रों!”

रिज़र्व बैंक द्वारा नोटबंदी पर रिपोर्ट जारी करने के बाद प्रधानमंत्री आज मीडिया से मुख़ातिब थे। उन्होंने कहा कि “मित्रों, आज मैं आपको नोटबंदी की असली सच्चाई बताता हूँ। ये सच है कि 1000 और 500 के लगभग सारे नोट वापस आ गये हैं। लेकिन एक नोट बच गया है, जिसके पीछे मैं 3 साल से लगा हुआ हूँ। मैं उसको बस पकड़ने ही वाला था, बस ज़रा सी चूक रह गयी!”

” लेकिन प्रधानमंत्री जी, वो एक नोट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?” इस सवाल पर मोदी जी ने हँसते हुए कहा, “वैसे तो मुझसे सवाल पूछने की परमिशन किसी को नहीं है, लेकिन चलो फिर भी बता देता हूँ” यह कहकर उन्होंने एक गिलास पानी पिया और बोले, “जैसे उस राक्षस की जान तोते में बसी हुई थी, उसी तरह ब्लैक मनी की जान उस 500 के नोट में बसी है। जैसे ही हम उस नोट को पकड़कर नष्ट करेंगे, सारा काला धन एक झटके में नष्ट हो जाएगा। चाहे वो सात समंदर पार ही क्यों ना रखा हो!”

“और हमने वो एरिया भी आइडेन्टिफ़ाई कर लिया है, जहाँ ये नोट छुपा हुआ है। ये नोट उत्तर भारत के ही किसी प्रदेश में छुपा हुआ है। हमारे अधिकारी दिन-रात उसे ढूंढने में लगे हुए हैं, उम्मीद है कि 2019 के चुनाव तक हम उसे ढूंढ लेंगे।”

“और जब तक मैं 500 के उस नोट को बाहर नहीं निकाल लेता, तब तक चैन से नहीं बैठूँगा, चाहे मुझे उसके लिये एक और नोटबंदी क्यों ना करनी पड़े!” यह सुनते ही सारे पत्रकारों के मुँह से निकला- “क्या…एक बार और!”

“क्या मेरे प्यारे देशवासी इस देशभक्ति के काम के लिये एक बार और लाइन में नहीं लग सकते। मैं पूछता हूं, नहीं लग सकते क्या?” यह सुनकर सारे हॉल में सन्नाटा छा गया। “मैं जानता हूँ, मेरे 125 करोड़ देशवासी ‘हाँ’ कह रहे हैं।” -कहकर मोदी जी ने पानी का एक और घूँट भरा और जेटली जी के साथ सीक्रेट मीटिंग करने चले गये।

प्रधानमंत्री के इस संकल्प से अब उन विरोधियों की भी बोलती बंद हो गयी है, जो कह रहे थे कि ‘मोदी जी काले धन के नाम पर सिर्फ़ नौटंकी कर रहे हैं’, ‘मोदी जी ने देश को गड्ढे में डाल दिया है’! अब जिस दिन ये 500 का नोट मिलेगा, उस दिन तो इन विरोधियों की नानी ही मर जायेगी।



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