Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

गौरी लंकेश को 'कुतिया' कहने वाले व्यक्ति के नाम प्रधानमंत्री मोदी की खुली चिट्ठी

07, Sep 2017 By बगुला भगत

एजेंसी. पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से भी ज़्यादा चर्चा देश में उस व्यक्ति की हो रही है, जिसने उन्हें कुतिया कहा। निखिल दधीच नामक इस व्यक्ति को मिल रही इस प्रसिद्धि की वजह है प्रधानमंत्री मोदी का उसे ट्वीटर पर फॉलो करना! जैसे ही यह बात मोदी जी को पता चली तो उन्होंने म्याँमार से ही इस दधीच के नाम खुली चिट्ठी लिख डाली, जो फ़ेकिंग न्यूज़ के हाथ लग गयी है, लीजिये आप भी पढ़ियेः

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दधीच के नाम खुली चिट्ठी लिखते प्रधानमंत्री मोदी

“प्रिय मित्र दधीच, (वैसे, तुम्हें मित्र कहने का मन तो नहीं कर रहा है लेकिन चिट्ठी के शुरु में ऐसा लिखा जाता है, इसलिये मन मारकर ऐसा लिख रहा हूँ)

मुझे यह कहते हुए भी शर्म आ रही है कि मैं तुम्हारा ‘फॉलोअर’ हूँ। आंग सान सू की ने कल जब मुझसे कहा कि ‘मोदी जी आप ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं’, तो मैं शर्म के मारे ज़मीन में गड़ गया। मुझे ज़िंदगी में पहली बार अपने विदेश में होने का पछतावा हुआ। मैं सू की से नज़रें नहीं मिला पाया, सिर्फ़ तुम्हारी वजह से!

मैंने तो तुम्हारे ट्विटर बायो में ‘हिंदू नेशनलिस्ट’ और ‘मोदी प्रशंसक’ लिखा देखा और देखते ही तुम्हें फ़ॉलो करने लगा। मुझे क्या पता था कि तुम महिलाओं के लिये ऐसे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हो, और वो भी उनके मरने के बाद! क्या मेरे प्रशंसक होने का मतलब ये है कि तुम गाली-गलौज करो? अरे, मैं ख़ुद भी तो अपना प्रशंसक हूँ। क्या तुमने मुझे गाली-गलौज करते देखा है कभी? या अमितभाई को गाली-गलौज करते देखा है क्या? दोनों हाथ उठाकर ज़ोर से बोलो, देखा है क्या? तो मित्र, दूसरे भी तरीक़े हैं अपना काम करने के!

मैं तुम्हें चेतावनी देता हूँ, अगर तुमने ऐसे दो-चार ट्वीट और कर दिये तो मैं तुम्हें किसी भव्य कार्यक्रम में मंच पर बुलाकर व्यक्तिगत रूप से मिलकर तुम्हें डाँटूंगा। समझ गये?

और ये मत सोचना कि तुम गुजराती हो तो मैं तुम्हें छोड़ दूँगा। मेरे लिये पूरे देश के गाली-गलौज करने वाले एक समान हैं, सब माँ भारती के सपूत हैं। इसलिये मैं किसी में कोई भेदभाव नहीं करता। तुम इस तरह के कोई अकेले व्यक्ति नहीं हो, जिसे मैं फॉलो करता हूँ। आज अगर मैंने तुम्हें छोड़ दिया तो कल को वे सब भी यही करेंगे।

तो मैं तुम्हें बता रहा हूँ कि फ़ॉलो करने के नाम पे मैं गाली-गलौज कतई बर्दाश्त नहीं करुँगा। ये मेरी लास्ट वॉर्निंग है तुम्हें! अगर तुम नहीं सुधरे तो तुम्हें पता है मैं तुम्हारा क्या हाल करुंगा! पंद्रह दिन बाद मैं ‘मन की बात’ करने वाला हूँ, पूरी दुनिया जानती है कि मैं उसमें क्या कर सकता हूँ! समझ लो दधीच! इशारा ही काफ़ी है।

तुम्हारा फॉलोअर,

नरेंद्र दामोदर दास मोदी,

यांगून, म्याँमार, दिनांक- 07 सितंबर, 2017



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