Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

आबे को ऑक्सीजन सिलेंडर वाली बात का पता नहीं लगने दिया, मोदी जी की 'चाणक्य नीति' का कमाल

15, Sep 2017 By बगुला भगत

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाणक्य नीति का लोहा देश ही नहीं, पूरी दुनिया मानती है। यह मोदी जी की चाणक्य नीति का ही कमाल है कि वो टेंशन देने वाले मुद्दों का पब्लिक को पता ही नहीं चलने देते और उसे हमेशा ख़ुश रखते हैं, उसे अच्छा-अच्छा महसूस कराये रखते हैं। उनकी इसी सूझ-बूझ का परिचय एक बार फिर मिला, जब उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे को दो दिनों तक ऑक्सीजन सिलेंडरों के बारे में कुछ भी पता नहीं लगने दिया और उन्हें सक्सेसफुली वापस जापान भेज दिया।

Modi- Bullet Train3
आबे को पुरानी ट्रेन का एक जोक सुनाते हुए मोदी जी

“एक्चुअली, शिंज़ो के आने से पहले हम डर रहे थे कि कहीं वो ऑक्सीजन सिलेंडर वाली घटनाओं के बारे में ना पूछ लें। कहीं वो ये ना कह दें कि बुलेट ट्रेन बाद में चला लेना, पहले अपने बच्चों के लिये ऑक्सीजन तो ले लो!” -पीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में बताते हुए कहा।

“क्योंकि इन डेवेलप्ड कंट्रीज वाले लोगों का कोई भरोसा नहीं! कभी ह्यूमन राइट्स के नाम पे तो कभी पर्यावरण के नाम पे लोन देने से मना कर देते हैं। इसीलिये हमारी अटी हुई थी कि ऑक्सीजन शॉर्टेज वाली घटनाओं की वजह से कहीं हमारी बुलेट ट्रेन ना लटक जाए! लेकिन थैक्स टू प्राइम मिनिस्टर मोदी…उन्होंने आबे को ऑक्सीजन का ‘आ’ भी पता नहीं चलने दिया!”

वैसे, एक बार को तो लोगों की साँस ही अटक गयी थी, जब रोड शो में आबे ने अचानक कहा- “ऑक्सीजन…” वो तो शुक्र है मोदी जी का, जिन्होंने तुरंत बात को घुमाते हुए कहा- “हाँ मित्र! ऑक्सीजन की क्वालिटी में काफ़ी इंप्रूवमेंट हुआ है, पहले अहमदाबाद में इतनी अच्छी हवा नहीं थी। ज़ोर-ज़ोर से साँस लो और फेफड़ों में भर लो…ऐसे!” -मोदी जी ने लंबी साँस खींचते हुए कहा।

इस घटना ने प्रधानमंत्री मोदी का क़द दुनिया में और भी बढ़ा दिया है। उनकी कूटनीति का ही कमाल है कि आबे समेत आज दुनिया का हर नेता उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता है, लेकिन यह किसी को नहीं पता कि मोदी जी ख़ुद किसे अपना सबसे सच्चा दोस्त मानते हैं!



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