Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

कई दिनों से भाषण ना देने की वजह से मोदी जी को हुई क़ब्ज़

09, Jan 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पेट कुछ दिन से ख़राब चल रहा है, जिसकी वजह से वो ढंग से फ्रेश नहीं हो पा रहे हैं। एम्स के डॉक्टरों से लेकर बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक इलाज तक, सब करा के देख लिया लेकिन क़ब्ज़ दूर नहीं हुई। ‘गैस बाहर कर हमराज चूरन’ की भी कई शीशियाँ खाकर देख लीं, लेकिन उससे भी मामला ‘हल्का’ नहीं हुआ।

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क़ब्ज़ से परेशान मोदी जी

तब कहीं से एक ‘बाबा बंगाली’ पीएम आवास पहुँच गये और उन्होंने मोदी जी का चेहरा देखते ही बीमारी की जड़ बता दी। बाबाजी ने कहा कि “दवा लेने से कुछ नहीं होगा बच्चा, भाषण देने से होगा क्योंकि ‘भाषण’ ही इनका ‘राशन’ है। जैसे ही ये किसी रैली में भाषण देंगे, एकदम मस्त फ्रेश हो जाएंगे।”

“लेकिन इन्होंने दो दिन पहले उद्योगपतियों के प्रोग्राम में जो स्पीच दी थी, वो भी तो एक तरह से भाषण ही था। फिर क़ब्ज़ दूर क्यँ नहीं हुई?” -पीएमओ के एक अधिकारी ने कहा। “ये सच है बच्चा कि हर स्पीच की तरह इनकी वो स्पीच भी भाषण ही थी लेकिन इन्हें ख़ुद ऐसा नहीं लगा ना! इसी वजह से प्रॉब्लम दूर नहीं हो रही।” -बाबा बंगाली ने पेट पे हाथ फिराते हुए कहा।

“इसलिये ध्यान रहे बच्चा! जब तक इन्हें ख़ुद महसूस नहीं होगा कि ये भाषण पेल रहे हैं, तब तक कोई फ़ायदा नहीं होगा…कोई फ़ायदा नहीं!” -बाबा जी ने ज़ोर-ज़ोर से सर हिलाते हुए कहा।

बीमारी की जड़ पता चलते ही, पीएमओ के अधिकारी ऑफ़िस में ही रैली का माहौल बनाने में जुट गये। इस पर बाबा बंगाली चिल्लाते हुए बोले, “नहीं बच्चा…नहीं! नकली नहीं, असली वाली रैली…असली वाली रैली!” यह कह कर वो मोरपंख के झाड़ू को सर पे मारते हुए अंतर्ध्यान हो गये।

अब अधिकारी असली वाली रैली का इंतज़ाम करने में जुट गये हैं। एक सीनियर अधिकारी ने सारे जूनियरों को हुक्म देते हुए कहा, “चुनाव जब होंगे तब होते रहेंगे, हमें किसी भी तरह दो दिन के अंदर एक रैली करानी है…और वो भी असली वाली…नहीं तो…समझ रहे हो ना क्या होगा?” “यस सर!” -सारे जूनियर चिल्लाए और काम पर लग गये।



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