Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

जानवर से प्यार के नाम पर जलीकट्टू का विरोध करने वाले बकरीद के दिन मटन खाते पाए गए

02, Sep 2017 By banneditqueen

तमिल नाडु. पिछले साल पूरे देश में एक ही बात की चर्चा थी, तमिल नाडु के प्रसिद्ध जलीकट्टू की। एनिमल एक्टिविस्ट्स के विरोध के बाद अदालत ने इस प्रथा पर रोक लगाने का फैसला किया। लोगों के भारी विरोध के बाद इस फैसले को कोर्ट ने वापस लिया। हर वर्ष उम्मीद की जाती है कि पीटा के अधिकारी बकरीद के दिन भी जानवरों के प्रति प्रेम दिखाएंगे, पर कुछ उलट ही हुआ।

मेरे लिए भी कोई आंदोलन करो
मेरे लिए भी कोई आंदोलन करो

ईद-अल-दहा के दिन कुछ पशु प्रेमी फेकिंग न्यूज़ को एक रेस्टोरेंट में मिल गए। हमारे संवाद्दाता का इस बात पर ध्यान गया कि ये तो वही लोग हैं जो जलीकट्टू का विरोध कर रहे थे। संवाददता ने उनमे से एक सुमित्रा दयाल से बात करने की कोशिश की, सुमित्रा जी ने कहा कि ”भाजपा सरकार एक तरफ गौ रक्षा का नारा लगाती है और दूसरी तरफ बैलों पर क्रूरता करती है।” दयाल जी से जब हमने पूछा कि वो बकरीद का विरोध क्यों नहीं कर रही तो उन्होंने जवाब दिया ”आपको भाजपा सरकार ने ये सवाल पूछने के लिए कितने पैसे दिए हैं? क्या आप जानते नहीं कि देश की माइनोरिटी का यह प्रमुख त्यौहार है, अगर उनकी ख़ुशी के लिए चाँद लाख बकरे काट गए तो क्या बुराई है।”

इतना बोलते हुए वो अपने साथी से बोली ”वो मटन चॉप्स पास करना”, ”अहाहाहा क्या स्वाद है, देश में स्वाद तो मुग़ल ही लाए थे नहीं तो हम घास फूस कहते रह जाते।” जब संवाद्दाता ने पूछा कि ”क्या बकरे के लिए आपका पशु प्रेम नहीं जागता”  तो उसपर सुमित्रा जी झल्लाते हुए बोली ”क्या पशु प्रेम लगा रखा है,  मटन खाने दो।”



ऐसी अन्य ख़बरें