Friday, 20th October, 2017

चलते चलते

डीयू की कट-ऑफ़ लिस्ट आना शुरु, जमनापार के बच्चों के मन में दहशत बैठी

30, Jun 2016 By बगुला भगत

शाहदरा. दिल्ली यूनिवर्सिटी की पहली कट-ऑफ़ लिस्ट आ गयी है और हर साल की तरह, लिस्ट आते ही जमनापार के बच्चों के मन में दहशत बैठ गयी है। इस इलाक़े में 12वीं करने वालों के मुंह पे 12 बजने शुरु हो गये हैं।

Cut-Off1
डीयू में कट-ऑफ़ का एक ख़ौफ़नाक दृश्य

कट-ऑफ़ से मयूर विहार के अपने घर में डरे बैठे रोहित चौधरी ने बताया कि “इतनी ज़लालत तो रिजल्ट आने पे भी नहीं होती, जितनी साली कट-ऑफ़ आने पे होती है। रिजल्ट का तो किसी को पता चलता है, किसी को नहीं!”

“पर कट-ऑफ़ का तो सबको पता चलना है। साले सब पापा से कुरेद-कुरेद के पूछेंगे- ‘चौस्साब, डीयू में तो 50 कॉलेज हैं, एक में भी नहीं हुआ!’ मतलब छिताई करवा के ही छोड़ेंगे।”

रोहित की बगल में बैठे उसके दोस्त सुमित नागर ने कहा- “पहली ठुकाई तो रिज़ल्ट आते ही हो गयी थी, अब दूसरा राउंड चालू होगा। ऐसा भी तो नहीं कि दो-एक दिन में ख़त्म हो जाये। पंद्रह-पंद्रह कट-ऑफ़ निकालते हैं साले, बेज्जती का पूरा टूर्नामेंट करवाते हैं भैंचो।”

“और पापा फिर केले के ठेले वाले सत्तार से कंपरीजन करेंगे- कि सत्तार की तरह जिंदगी भर ठेला लगइयो!” -सुमित ने कहा।

“हम तो इसलिये भाई फारम ही नहीं भरते। फालतू में लिस्ट देखने के लिये 50 कॉलेजों में उचकते फिरो। क्या फायदा!” -रोहित बीच में बोला।

“आपने भी किसी कॉलेज में फ़ॉर्म नहीं भरा?”, इस सवाल पर सुमित ने कहा- “फारम तो 20 कॉलेजों में भरा है, पर 54 परसेंट पे कहां नंबर आयेगा भाईसाब। पढ़ना तो हमें फिर भी correspondence से ही है। एडमिशन मिला भी तो श्यामलाल में- वो भी हिंदी में!”

फिर उसने आगे कहा- “हम जमनापार के लौंडों के एडमिशन तो ये पंजाबी बाग और वसंत कुंज वाले उठा के ले जाते हैं भाईसाब! हमारे चाचा बता रे थे कि हमारे इलाके से सेंट इस्टीफन में आखिरी एडमिशन सन् पिछत्तर हुआ था-सुखबीर के लड़के का!”

“ऐसी बात नहीं है, कहीं ना कहीं तो आपका नंबर आ ही जायेगा।” यह सुनकर सुमित ने संवाददाता को अपना आईफ़ोन दिखाते हुए कहा- “ढाई लाख एप्लीकेशन हैं भाईसाब ढाई लाख! और उनमें से 6 हजार 95 परसेंट से ऊपर वाले हैं। और अभी बिहार के टॉपर आयेंगे वे अलग।” -कहकर सुमित WWE की फ़ाइट देखने लगा।



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