Monday, 23rd April, 2018

चलते चलते

चिदंबरम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने जंतर-मंतर पहुंचे पकौड़े वाले, बेरोज़गार इंजीनियर ने वहीं पकौड़े बेच कमा लिए हज़ारों

29, Jan 2018 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. सूचना मिली है कि एक बेरोज़गार इंजीनियर ‘विकास’ कुमार ने कल 20 हज़ार रुपये कमा लिए। विकास पिछले साढ़े तीन साल से बेरोज़गार घूम रहा था, लेकिन एक दिन की कमाई ने ही उसकी सारी ग़रीबी दूर कर दी। दरअसल, पी. चिदंबरम के बयान के बाद देश के सारे पकौड़े वाले गुस्से में थे और प्रदर्शन करने बैनर, पोस्टर लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे। इस मौक़े का फ़ायदा उठने के लिए विकास ने वहाँ पकौड़े का ठेला लगा लिया और 20 हज़ार के पकौड़े बेच लिए।

engineer-pakoda-stall
जंतर-मंतर पर पकौड़े बेचता इंजीनियर विकास

कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता चिदंबरम ने कहा था कि अगर पकौड़े बेचकर 200 रुपये कमाना ‘रोज़गार’ है, तो फिर भीख माँगना भी एक रोज़गार ही है। उनके इस बयान से सड़क किनारे ठेला लगाने वाले गुस्से में थे और इसी गुस्से को जाहिर करने के लिए वे जंतर-मंतर पर इकठ्ठा हुए थे।

बिजली की गति से कढ़ाई में ‘कच्चा माल’ डालते हुए विकास ने बताया कि “वैसे तो चिदंबरम ने दो कौड़ी का बयान दिया है, लेकिन मेरे लिए ये फ़ायदे का सौदा हो गया! अब देखो ना, सुबह से एक मिनट भी मेरा हाथ रुका नहीं है! सारे प्रोटेस्ट करने वाले मेरे ठेले से ही पकौड़े ले-ले के जा रहे हैं और चिदंबरम के खिलाफ नारे लगा रहे हैं!”

“सब के सब ‘जल्दी दो!’, ‘गरमा-गरम दो!’ चिल्ला रहे हैं! अब बताइए! मैं आदमी हूँ कि मशीन?” -कहता हुआ विकास बेसन की नई बोरी खोलने लगा।

वहीँ पर दस रूपए का पकौड़ा दबा रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि, “देखिए! हम अगर दो सौ कमाते हैं तो इसमें चिदंबरम का क्या जाता है? हमारे धंधे का मज़ाक उड़ाने की क्या ज़रूरत है? मेहनत करके कमा रहे हैं भाईसाब! बैंक से ‘फर्जी लोन’ तो नहीं लिया ना! और फिर आजकल ‘2G’ का फोन तो हम भी यूज नहीं करते!” -कहते हुए उन्होंने मुंह पोंछा और फिर से ‘चिदंबरम हाय-हाय’ करने चले गए।

उधर, बीजेपी के स्टार प्रवक्ता संबित पात्रा ने तुरंत चिदंबरम से नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा माँग लिया। हालाँकि, बाद में GVL ने उन्हें फोन करके बताया कि “इस्तीफ़ा मत मांगो! अब ‘चिदंबरम’ सत्ता में नहीं हैं, हम लोग हैं!”



ऐसी अन्य ख़बरें