Sunday, 19th November, 2017

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"पान खाकर थूकने वालों को वंदे मातरम बोलने का हक़ नहीं", पीएम के इस बयान पर यूपी-बिहार में उबाल

11, Sep 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/पटना/कानपुर/लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता पर दिये एक बयान ने आज यूपी-बिहार में बवाल मचा दिया। प्रधानमंत्री ने जैसे ही कहा कि “जो लोग पान-गुटखा खाकर ज़मीन पर थूकते हैं, उन्हें वंदे मातरम बोलने का हक़ नहीं है“, तो पटना से लेकर कानपुर तक लोग सड़कों पर उतर आये और अपना विरोध जताने लगे। इन लोगों का कहना है कि जब तक मोदी जी अपना बयान वापस नहीं लेते तब तक हम थूकते रहेंगे।

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यूपी-बिहार में जगह-जगह प्रदर्शन करते लोग

“मोदी जी कह रहे हैं कि पान खाकर थूकने वालों को वंदे मातरम बोलने का हक़ नहीं है। आपका इस पर क्या कहना है?” इस पर पान के शौकीन लालमन भरे मुँह से बोले, “वे वुव वावा ई वो ववा!” “हैं?” -रिपोर्टर ने हैरानी से कहा तो लालमन हाथ के इशारे से समझाते हुए बोले, “मटलब मोडी जी कुट जाडा ई बोय गये इश बाय!”

“भाईसाब, कुछ समझ में नहीं आ रहा, आप क्या बोल रहे हैं?” -रिपोर्टर ने लाचारी जताते हुए कहा. तो लालमन ने “एट मिवट!” कहते हुए हाथ से रुकने का इशारा किया। फिर एक भरपूर पिचकारी मारी, लाल होठों पे हाथ फिराया और बोले, “हम कह रहे हैं कि ये कुछ ज़्यादा ही हो गया! मोदी जी कुछ ज़्यादा ही बोल गये इस बार!”

“ई सारे यूपी-बिहार के पब्लिक का इंसल्ट है। मोदी जी फिर से हमरे डीएनए पे हमला किये हैं!” -लालमन ने एक और पान मुँह के हवाले करते हुए कहा। “ये आपके डीएनए पर हमला कैसे हुआ?” -हमारे रिपोर्टर के इस सवाल पर ने लालमन ने लाल-पीला होते हुए कहा कि “जब ई ‘पान’ और ‘पीक’ हमरे डीएनए में है, तो पीक पे हमला हमरे डीएनए पे हमला हुआ के नही?”

“हम सब जानते हैं! यूपी-बिहार के चुनाव ख़त्म हो गये हैं ना, इसलिये मोदी जी का हिम्मत हो गया ऐसा बोलने का। अगर चुनाव आ रहे होते तो हम बता देते के पान-गुटखा में कितना ताकत होता है!” -कहकर लालमन भीड़ के साथ ‘हाय-हाय’ करने लगे। उधर, इन विरोध-प्रदर्शनों के बाद नीतीश कुमार पर एनडीए छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। लालू प्रसाद यादव ने भी ‘पीक’ के समर्थन में पटना में महारैली करने का एलान कर दिया है।



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