Friday, 20th January, 2017
चलते चलते

मध्य प्रदेश में दुनिया की पहली 'खुली जेल' का हुआ उद्घाटन, नहीं होगी कोई भी दीवार

02, Nov 2016 By bapuji

भोपाल. जी हाँ, खबर पढ़ के हमारे पाठकों का चौकना लाजमी है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने ये कर के दिखाया है। अब मध्य प्रदेश की सभी जेलो को कैदी-फ्रेंडली बनाया जा रहा है और कोशिश की जा रही है की कैदी बंधु समाज के जादा करीब हो और उनकी ‘रिहाई’ भी जल्द हो सके। इसी क्रम मे बड़ा फ़ैसला लेते हुए सरकार ने ये घोषणा की है कि अब से सभी नयी जेलें Open Jail System (OJS) पर बनेंगी अर्थात उनमे कोई भी दीवार या कमरे नही होंगे और कैदियों को किसी बंधन मे नही रखा जाएगा। ऐसी पहली जेल का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी के कर-कमलो से भोपाल मे हुआ।

कैदियों के लिये खुली जेल
कैदियों के लिये खुली जेल

इस मौके पर फेकिंग न्यूज़ संवाददाता से बात करते हुए  डी.आई.ज़ी(जेल) ने कहा कि -“यूरोपीय देशो के कैदी काफ़ी मज़े में रहते है और जल्दी छूट जाते है लेकिन हमारे प्यारे कैदी भाइयो को भारतीय जेलों मे काफ़ी तकलीफ़ होती है। इसीलिए सरकार ने इस बार क़ैदियो की जल्द मुक्ति के लिए ये कदम उठाया है और हमारा खर्च भी बच रहा है।” क़ैदियो के भागने के सवाल पर उन्होने अपने साथ खड़े वैज्ञानिक कार्लोस की तरफ इशारा किया। कार्लोस जी ने बताया कि “हाल में ही इन क़ैदियो पर कई मनोवैज्ञानिक प्रयोग किए जैसे कि कई बार जेल के दरवाजा खुला छोड़कर रखा गया, क़ैदियो को ज़बरदस्ती जेल के मुख्य गेट पर छोड़ दिया गया , उन्हे भागने के लिए पैसे दिए गये लेकिन कोई नही भागा। मध्‍य प्रदेश के कैदियों के उसूल हमेशा से मजबूत रहे है। कार्लोस साहेब ने ये भी कहा कि- “शायद इनकी ज़रूरते कम है इसी लिए इनके ज़मीर में दम है।”

जब फेकिंग न्यूज़ के संवाददाता ने कैदियों से इस बारे मे बात करनी चाही तो कोई बात करने को तैयार नही था बहुत ज़ोर डालने पर आख़िर मे एक पाकेटमार कैदी ने उदास हो के बताया कि “जमीर मे घंटा दम है। सज़ा काट के कुछ दिन मे छूट जाना ही सही है वरना भागने पे कई बार सरकार बाइज़्ज़्त ‘बरी’ भी कर सकती है मतलब तो आप समझ ही गये होंगे।” लोग इसका जो भी मतलब निकले लेकिन सरकार के इस प्रगतिशील फ़ैसले की हर जगह तारीफ़ हो रही है और इसे समाज सुधार की दिशा मे एक नया कदम बताया ज़ा रहा है। अब देखना यह है कि बाकी राज्य इससे कब सीख लेते’ है और जेल सुधार की इस मुहिम को कैसे आगे बढ़ाते हैं।



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