Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

2019 में होंगे दो चुनाव; देश चलाने के लिए अलग और वेबसाइट चलाने के लिए अलग

11, Sep 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. ग्रेग चैपल ने जो हाल टीम इंडिया का किया था, वही हाल आजकल सरकारी वेबसाइट्स का हो गया है। केंद्र सरकार आए दिन एक नयी वेबसाइट लांच कर देती है, और उसके लिए एक परमानेंट इंजीनियर रखना भूल जाती है। नतीजा यह होता है कि कई साइट्स महीनों तक ठप पड़ी रहती हैं, क्रैश हो जाती हैं, या अपडेट ही नहीं होतीं। ना इन्कम टैक्स विभाग की साइट ठीक से चलती है, ना EPF की और ना ही नयी-नवेली GST मैडम की! लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है।

Slow Internet
सरकारी वेबसाइट देखता एक युवक

अब इसी समस्या से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 2019 में देश में दो तरह के चुनाव कराए जाएंगे। एक सरकार देश चलाने के लिए चुनी जाएगी और दूसरी वेबसाइट चलाने के लिए! मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने इस ऐतिहासिक फैसले के बारे में बताया कि “देखिए! सरकार को और भी बहुत सारे काम करने पड़ते हैं। और वेबसाइट चलाना कोई छोटा-मोटा काम तो है नहीं! हमें लगता है कि इस काम के लिए देश में एक और ‘सरकार’ एडजस्ट की जा सकती है, जो सिर्फ वेबसाइट चलाने का काम करेगी। इसलिए 2019 में वोटर्स दो बार वोट डालेंगे, एक वोट से देश चलाने वाली सरकार बनेगी और दूसरे वोट से वेबसाइट चलाने वाली।”

उधर, चुनाव आयोग के इस एलान के बाद सभी राजनैतिक दलों ने इसे एकतरफा फैसला बताया है। भाजपा के कुख्यात प्रवक्ता संबित पात्रा ने बताया कि, “देखिए! पहले नंबर के चुनाव में तो हम ही जीतेंगे। रही बात वेबसाइट वाले चुनाव की, तो हम उसमे भी ज़मानत ज़ब्त होने से बचाने की पूरी कोशिश करेंगे।”

वहीं, कांग्रेस ने घोषणा की है कि अगर उनकी सरकार आती है तो, वेबसाइट मैनेज करने के लिए ‘राजीव गाँधी अंतरजाल संधारण गारंटी योजना’ चलाई जाएगी। इस बीच, इस नयी ‘सरकार’ के मुद्दे पर रामगोपाल वर्मा ने भी कुछ बयान दिया है, जिसे इग्नोर करने में ही देश की और हमारी भलाई है।



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