Wednesday, 25th April, 2018

चलते चलते

सबके 15 लाख का हिसाब ले गया रे तेरा हीरो नीरव मोदी

04, Mar 2018 By Velawrites

एजेंसी. साल 2014 में एक मोदी द्वारा किये गए 15 लाख के वादे को पूरा न होने पर नीरव मोदी कथित रूप से बहुत आहत थे। वो दिन भर परेशान रहते थे। आख़िरकार एक दिन उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इसका सारा भार अपने ऊपर लेकर ये 15 लाख रुपये सरकार से वापस लेने की योजना बना ही ली!

Nirav-Modi
15 लाख नहीं, 15 हज़ार करोड़ के हीरे

जिस देश में आम जनता ये तक नहीं समझ पाती कि लोन पे बयाज दरें किस तरह तय की जाती हैं, ऐसे में बैंको से हज़ारों करोड़ रुपये लेकर उड़ जाना वाकई काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन परेशान और बेरोज़गार लोग ऐसे होनहार युवक को बड़ी आसानी से चोर मान सकते हैं। पर क्या कभी आप लोगों ने वो सारे एंगल सोचे हैं, जिनकी वजह से नीरव मोदी ने यह सब किया है:

चुनावी चंदे वाला एंगलः

चुनावों में यही लोग इन हज़ारों करोड़ों रुपयों का एक हिस्सा चुनावी चंदे के रूप में पार्टियों को देते हैं। ऐसे में अगर कोई शरीफ बंदा अपने चुनाव में दिए गए चंदे को वापस मांगता है तो उसे लताड़ के भगा दिया जाता है। नीरव मोदी ने तो बस एक उदाहरण पेश किया है कि पैसे वापस कैसे वसूले जाते हैं।

बदला एंगलः

आमिर खान ने जब विदेशी बैंक लूटे थे ‘धूम’ में, तब तो सबको बहुत अच्छा लग रहा था। लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा कि क्या पता नीरव मोदी के पिता को भी इन बैंको ने सताया हो तो? सुनने में आया है कि सरकारी बैंको ने लोन लेने गये नीरव के पिता को कई बार ‘लंच टाइम है’ कहकर भगाया था। ऐसे में नीरव मोदी का उन सबके लंच का पैसा लेकर भाग जाना बहुत स्वाभाविक था।

रॉबिनहुड एंगलः

जब दूसरे मोदी जी ने 15 लाख के वादे को जुमला बताकर पूरा करने से मना कर दिया, तो किसी ने ये नहीं सोचा कि क्या पता नीरव मोदी ने ये पैसा आम जनता को लौटाने के लिए उड़ाया हो? मामला सामने आने पर वो शायद इस दुविधा में हो कि अब ये पैसा गरीब जनता तक पहुँचाऊँ कैसे? लेकिन वक़्त हमे ये समझा देगा कि नीरव मोदी कितने महान व्यक्ति थे, जिनका बस वक़्त ने साथ नहीं दिया।

देशभक्ति एंगलः

देश के सरकारी बैंकों में ऐसा घोटाला कोई पहली बार तो हुआ नहीं है, ये पहले भी होते रहे हैं। नीरव मोदी ने तो बस जनता का पैसा जो PNB में खतरे में था, उसे बचाकर अपनी तिजोरी में डाल लिया। तो एक देशभक्त और परोपकारी पे इतने सवाल क्यों? देशभक्ति तो ट्विटर पर फ़ेवरेट ट्रेंडिंग टॉपिक है दोस्तो! नीरव मोदी जैसे देशभक्त पर सवाल नहीं, फूल बरसाने चाहिए। उनके जैसे बिज़नेसमैन और नेता आपको सालों से देशभक्ति और परोपकार के ऐसे कारनामे दिखाते रहे हैं और आगे भी दिखाते रहेंगे।



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