Sunday, 25th June, 2017
चलते चलते

ट्रेन डिपार्चर टाइम से 5 घंटा पहले निकला युवक, ट्रैफ़िक में फंसकर एक घंटा लेट पहुँचा

03, Aug 2016 By banneditqueen

मुम्बई. उल्लासनगर में रहने वाले सार्थक को शाम 8:20 पर Mumbai CST से पुष्पक एक्सप्रेस पकड़नी थी। उसने सोचा कि डिपार्चर टाइम से तीन घंटा पहले ही घर से निकल जाएगा। गाड़ी के समय से तीन घंटा पहले तकरीबन 3 बजे ही उसने टैक्सी बुला ली। मन ही मन सोचा कि बहुत जल्दी भी पहँचा तो स्टेशन के फ्री वाई फाई से मूवीज़ डाउनलोड करे लेगा। टैक्सी आते ही वह बैठ गया और तकरीबन एक घंटे तक टैक्सी बिना रुकावट के चलती रही। पर अचानक ही सड़क पर एकदम से ट्रैफ़िक बढ़ने लगा।

इसी ट्रैफिक जाम में सार्थक फँसा रहा
इसी ट्रैफिक जाम में सार्थक फँसा रहा

कई सिगनल्स पर जैसी ही टैक्सी पहुँचती वैसे ही बत्ती हरी से लाल हो जाती।कई बार कुछ बेवकूफ ड्राइवर सामने आ जाते जो गाड़ी तो फर्स्ट गीयर में डालने की कोशिश करते पर उनकी गाड़ी बंद हो जाती और इसी चक्कर में सार्थक की टैक्सी आगे नहीं बढ़ पाती। ट्रैफिक और कई सिग्नल पार करते करते 8 बज चुके थे। दो कि.मी. का सफर और बाकी था। सार्थक को उम्मीद थी कि अगर वो 8:15 बजे तक भी पहुँचा तो भी ट्रेन पकड़ सकता है। पर उसकी किस्मत में शायद ट्रेन पकड़ना लिखा ही नहीं था। बस एक कि.मी. पहले ही ऐसा भयंकर जाम लगा कि टैक्सी ने एक किमी. पूरे करने में ही एक घंटा ले लिया।

स्टेशन पहँचकर उसने सोचा कि शायद ट्रेन लेट हो और अभी भी कोई उम्मीद हो ट्रेन पकड़ने की पर उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। टैक्सी वाला भी ट्रिपल भाड़ा माँगने लगा|।इस पर दोनों की बहस होने लगी।बहस मारपीट पर जा पहुँची तब आस पास के लोग इकठ्ठा होने लगे।सार्थक ने उन्हें बताया कि ” दोपहर तीन बजे से 8 बजे वाली ट्रेन पकड़ने के लिये निकला हूँ उसके बाद भी आने में एक घंटा लेट हो गया”। तभी टैक्सी वाला बोला ” इन भाइसाहब के चक्कर में पूरा दिन चला गया मैं तो ज्यादा भाड़ा लूँगा ही”। काफी देर बहस होने के बाद सार्थक डबल भाड़ा देकर मामला रफा दफा किया।



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